इटवा। भाजपा के बूथ अध्यक्ष विजय कुमार गौतम को डराने धमकाने और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गालियां देने के मामले में तहरीर देने के 48 घंटे बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। मामले में इटवा विधानसभा क्षेत्र के कुसुम्ही बूथ अध्यक्ष विजय कुमार गौतम ने शुक्रवार को पूर्व मंत्री डाॅ. सतीश चंद्र द्विवेदी के साथ सीओ कार्यालय में आकर तहरीर दी थी। वहीं, इस मामले में जिलाध्यक्ष ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए फर्जी तरीके से फॉर्म-7 भरने के आरोपों से बचने के लिए आरोप लगाने की बात कही है।
पुलिस को दी तहरीर में विजय कुमार गौतम ने आरोप लगाया कि वह गांव के कुछ ऐसे लोगों के नाम फॉर्म-7 भरकर देने कुसुम्ही के पंचायत घर पर गया था। इनके नाम मुंबई सहित अन्य शहरों की मतदाता सूची में भी दर्ज है। परंतु इसी दौरान वहां पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव ने फाॅर्म-7 भरकर देने के लिए उन्हें जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां दीं। जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में विजय कुमार गौतम ने सीओ इटवा को घटना के कई साक्ष्य भी दिखाएं, लेकिन इसके बावजूद घटना के 48 घंटे बाद अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
प्रभारी एसओ मिश्रौलिया प्रदीप चौहान का कहना है कि सीओ इटवा द्वारा मामले में जांच के बाद कार्रवाई के लिए कहा गया है। परंतु मुझे अभी तक तहरीर नहीं मिली है।
नाम काटने की साजिश के विरोध पर बौखलाए पूर्व मंत्री : लालजी
सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव का कहना है कि भाजपा के पदाधिकारी गलत तरीके से सपा समर्थकों और अल्पसंख्यकों का नाम फाॅर्म-7 भरकर काटने की साजिश रच रहे थे, जिसको लेकर क्षेत्र के लोगों में आक्रोश था। लोगों की शिकायत पर वहां पहुंचे तो एक पंचायत भवन में कुछ लोगों का फर्जी तरीके से फाॅर्म-7 भरकर रखा गया था, जिसकी सूचना उन्होंने एसडीएम इटवा को दी और जांच कर कार्रवाई करने को कहा। इससे बौखलाए पूर्व मंत्री ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए किसी से तहरीर दिलवाने की जानकारी मिली है। आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। हम समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। हमारा संघर्ष न्याय के लिए जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों ने भाजपा नेताओं के दबाव में आकर इस मामले में जांच कर सही कार्रवाई नहीं हुई तो वह न्यायालय का सहारा लेंगे।