- सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में अभिविन्यास कार्यक्रम, तनाव और शैक्षणिक चुनौतियों से निपटने के दिए गए सुझाव
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में बृहस्पतिवार को मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रकोष्ठ की ओर से नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. कविता शाह की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य सहायता, मार्गदर्शन एवं परामर्श सेवाओं के प्रति जागरूक करना और उन्हें सकारात्मक व सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम में मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नए वातावरण, पढ़ाई के बढ़ते दबाव, प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत चुनौतियों के कारण कई विद्यार्थी तनाव का सामना करते हैं। ऐसे समय में मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रकोष्ठ उनकी समस्याओं को समझने, गोपनीय परामर्श देने और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मनोविज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. मुन्नू खान ने कहा कि विश्वविद्यालय का नया परिवेश विद्यार्थियों के लिए अवसरों के साथ नई जिम्मेदारियां भी लेकर आता है। ऐसे में सकारात्मक सोच, संतुलित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समस्याओं को मन में दबाकर रखने के बजाय विशेषज्ञों और शिक्षकों से खुलकर संवाद करना चाहिए, क्योंकि समय पर प्राप्त परामर्श तनाव और अन्य मानसिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद करता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, भावनात्मक कल्याण, तनाव प्रबंधन और व्यक्तिगत विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। उन्हें विश्वविद्यालय में उपलब्ध परामर्श सेवाओं की कार्यप्रणाली और सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
इस अवसर पर डॉ. सरिता सिंह, डॉ. मनीषा बाजपेयी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।