- हर घर तिरंगा अभियान के दूसरे चरण में झंडा फहराने के नियमों पर हुआ सेमिनार
- कैडेट्स को तिरंगे की गरिमा, रंगों के क्रम और फहराने के तरीके की दी जानकारी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में बुधवार को हर घर तिरंगा अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत ‘झंडा संहिता व झंडा फहराने के तरीके’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। एनसीसी के एएनओ डॉ. (ले.) प्रज्ञेश नाथ त्रिपाठी ने एनसीसी कैडेट्स और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा, झंडा संहिता और तिरंगा फहराने के निर्धारित तरीकों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। तिरंगे में केसरिया रंग सबसे ऊपर, सफेद बीच में और हरा रंग सबसे नीचे होना चाहिए। ध्वज को फहराते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि वह सम्मानजनक स्थिति में रहे। उन्होंने कैडेट्स को तिरंगे के रख-रखाव और उसे फहराने तथा उतारने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया।
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह ध्वज की गरिमा और उससे जुड़े नियमों का पालन करें। सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को झंडा संहिता से जुड़े विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई और उनके सवालों का जवाब भी दिया गया।
कार्यक्रम में अर्थशास्त्र विभाग के प्रभारी डॉ. संतोष सिंह, अंग्रेजी विभाग के प्रभारी डॉ. अमित साहनी, मनोविज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. मुन्नू खान, मनोविज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. हरेंद्र शर्मा सहित एनसीसी कैडेट्स, छात्र-छात्राएं और कर्मचारी मौजूद रहे।