- बांसी के आजाद पार्क में इंटरलॉकिंग मार्ग के गड्ढों को खुद मटेरियल लाकर भरा
- नागरिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए युवाओं ने जनसहयोग से सुधारी राह
बांसी। नगर पालिका की अनदेखी से आजाद पार्क के इंटरलॉकिंग मार्ग पर बने गड्ढों को आखिरकार स्थानीय युवाओं ने खुद ही भर दिया। अच्युतानंद मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में युवाओं ने श्रमदान कर अपने संसाधनों से मटेरियल उपलब्ध कराया और खराब रास्ते की मरम्मत की। इस पहल की नगरवासियों ने सराहना करते हुए इसे सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतर उदाहरण बताया।
बांसी के आजाद पार्क में इंटरलॉकिंग मार्ग लंबे समय से जगह-जगह धंस गया था। पार्क में सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या की जानकारी कई बार जिम्मेदारों को दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद युवाओं ने स्वयं पहल करने का निर्णय लिया। युवाओं ने अपने खर्च पर निर्माण सामग्री मंगाई और श्रमदान कर गड्ढों को भर दिया। कुछ ही घंटों में मार्ग को समतल कर आवागमन के लिए सुरक्षित बना दिया गया।
युवाओं की इस पहल को पार्क में आने वाले लोगों और स्थानीय नागरिकों ने सराहा। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह सामाजिक भागीदारी बढ़े तो कई छोटी समस्याओं का समाधान बिना इंतजार के हो सकता है। वहीं, लोगों ने नगर पालिका से सार्वजनिक स्थलों के नियमित रखरखाव और मरम्मत कराने की भी मांग की।