सिद्धार्थनगर। हजरत इमाम हुसैन की लाडली बेटी जनाबे सकीना की शहादत की याद में शुक्रवार की रात हल्लौर स्थित हुसैनी चौक पर “यौमे सकीना” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अली ब्वॉयज कमेटी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में जनाबे सकीना के शबीहे ताबूत की जियारत के साथ-साथ मुकामी अंजुमनों ने नौहा पढ़कर मातम किया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में भारी संख्या में लोग शामिल हुए।
यौमे सकीना कार्यक्रम का आगाज महताब हैदर के तिलावते कलाम पाक से हुआ। इसके बाद मरसिया शाहिद आलम व उनके सहयोगी ने पढ़ा।
मजलिस को जाकिरे अहलेबैत जमाल हैदर करबलाई ने कैदखाना-ए-शाम में जनाबे सकीना की शहादत को बयान किया। जाकिर जमाल ने मजलिस के आखिर में यजीदी लश्कर की ओर से बीबी सकीना पर ढाए गए जुल्म व शहादत को विस्तार से बयान किया तो अकीदतमंद रो पड़े, जिसके बाद में ताबूत-ए-सकीना व गाजी अब्बास की निशानी अलम की जियारत कराई गई।
इसके बाद अंजुमन फरोग मातम,अंजुमन गुलदस्ता मातम, अली ब्वायज कमेटी के मातमी दस्ते ने नौहा पढ़कर मातम किया। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष इंतेजार हुसैन शबाब, मौलाना शहकार हुसैन जैदी आदि मौजूद रहे।