नवरात्र के दौरान मिशन शक्ति के तहत थानों में जनसुनवाई चौपाल लगाकर दंपती विवाद सुलझाने पर जोर
मामूली विवादों के कारण अलगाव की स्थिति में पहुंचे पति-पत्नी को समझाकर साथ रहने के लिए किया जा रहा प्रेरित
सिद्धार्थनगर। नवरात्र के दौरान मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस परिवारों को टूटने से बचाने की पहल कर रही है। मामूली विवाद, आपसी मनमुटाव और पारिवारिक मतभेद के कारण अलग रह रहे पति-पत्नी को थानों में काउंसिलिंग के जरिये समझाया जा रहा है। जिले के अलग-अलग थानों की पुलिस ने एक सप्ताह में 25 जोड़ों के बीच सुलह कराने का प्रयास किया। सहमति बनने पर दंपतियों को साथ घर भेजा गया और आगे भी आपसी तालमेल बनाए रखने की सलाह दी गई।
मिशन शक्ति के तहत बांसी कोतवाली की पुलिस ने रविवार को पारिवारिक विवाद के एक मामले में दोनों पक्षों को थाने बुलाकर काउंसिलिंग की। बातचीत के दौरान पति-पत्नी को आपसी रिश्तों, बच्चों के प्रति दायित्वों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बारे में समझाया गया। इसके बाद दोनों साथ रहने के लिए तैयार हो गए।
इसी तरह त्रिलोकपुर थाने की पुलिस ने भी रविवार को एक दंपती के बीच विवाद को बातचीत के जरिये सुलझाया। पुलिस ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी समस्याएं सुनीं और आपसी सहमति से विवाद खत्म करने के लिए प्रेरित किया। समझौते के बाद दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए।
मोहाना और कठेला में भी सुलझे मामले
मोहाना और कठेला समय माता थाने की पुलिस ने शनिवार को पारिवारिक विवाद के दो मामलों में सुनवाई की। दोनों मामलों में पति-पत्नी के बीच मतभेद दूर करने के लिए काउंसिलिंग की गई। पुलिस ने परिवार और बच्चों के प्रति जिम्मेदारियों का एहसास कराते हुए आपसी विश्वास बनाए रखने की सलाह दी। इसके बाद दोनों पक्षों ने साथ रहने पर सहमति जताई।
दो दिन में सात मामलों में समझौता
पुलिस के अनुसार, दो दिन पहले भी अलग-अलग थानों में सात मामलों का निस्तारण काउंसिलिंग के माध्यम से किया गया। चिल्हिया थाने में दो महिलाओं से जुड़े पारिवारिक विवादों में समझौता कराया गया। भवानीगंज थाने में खर्च न देने, गाली-गलौज और पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़े विवादों पर सुनवाई की गई। वहीं, इटवा थाने में भी पारिवारिक मतभेद के मामलों में दोनों पक्षों को समझाकर सहमति बनाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने संबंधित पक्षों को आपसी विश्वास, पारिवारिक जिम्मेदारियों और सौहार्द का महत्व समझाया। सहमति बनने के बाद संबंधित परिवारों को घर भेज दिया गया।
रिश्ते बचाने पर पुलिस का जोर
मिशन शक्ति के तहत पुलिस का जोर केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि आपसी बातचीत से पारिवारिक विवादों को सुलझाने पर भी है। काउंसिलिंग के दौरान दोनों पक्षों की बात सुनकर उन्हें विवाद का समाधान निकालने के लिए प्रेरित किया जाता है। पुलिस का प्रयास है कि आपसी सहमति से विवाद सुलझें और परिवारों में फिर से सामान्य माहौल बन सके।