- वैध दस्तावेज होने के बाद नहीं मिला एसआईआर फाॅर्म, नेपाल से आई महिलाओं को दी गई आवश्यक जानकारी,
धेंसा। सिद्धार्थनगर सहित कई जनपद में नेपाल से विवाह कर भारत आईं महिलाओं को एसआईआर फॉर्म भरने में नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। दशकों पहले आईं हों या वर्तमान में विवाह कर पहुंची महिलाओं को फाॅर्म में नहीं दिया गया है। यह हाल तब है जब इनके पास आधार कार्ड के साथ अन्य सभी वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं। ऐसी एक-दो नहीं बल्कि 10 महिलाएं हैं।
तमाम लोग ऊहापोह की स्थिति में है कि एसआईआर फाॅर्म में उनका सत्यापन कैसे होगा। महिलाओं का कहना है कि यदि उनका सत्यापन नहीं हुआ तो हजारों की संख्या में नेपाल से विवाह कर भारतीय नागरिक बनीं महिलाओं के नाम कटने का डर है। प्राथमिक विद्यालय साहा के बूथ संख्या 304 के बीएलओ रमेश कुमार मौर्य ने कहा कि अब तक 30 प्रतिशत मतदाताओं का नाम ऑनलाइन किया गया है। नेपाल से भारत में विवाहित 10 महिलाओं का नाम आया है, उसे अलग रखा गया है। आगे जैसा निर्देश होगा, उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी
चार दिसंबर तक चलेगा अभियान
निर्वाचन आयोग की ओर से चार नवंबर से 4 दिसंबर तक गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मतदाता से सत्यापन फाॅर्म भरवाने का काम बीएलओ द्वारा किया जा रहा है। इसमें वर्ष 2003 के वोटर लिस्ट के आधार पर एसआईआर में निर्वाचक का नाम, संबंधी का नाम व संबंध जिला, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का नाम वोटर लिस्ट क्रमांक व अन्य विवरण भरा जा रहा है।