- स्कूल आते-जाते रोज गुटका-सिगरेट की दुकानों के सामने से गुजरते हैं छात्र, अभिभावकों ने जताई चिंता
सिद्धार्थनगर। जिले के स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल बढ़ी हुई है लेकिन उनके स्कूल जाने का रास्ता चिंता भी बढ़ा रहा है। जिले के कई सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के आसपास गुटका, बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद खुलेआम बिक रहे हैं। कुछ स्थानों पर शराब की दुकानें भी स्कूलों के नजदीक संचालित हैं। ऐसे में छात्र रोजाना स्कूल आते-जाते इन दुकानों के संपर्क में आ रहे हैं जिससे अभिभावकों और शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्कूलों के आसपास पान और तंबाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानें आसानी से दिखाई देती हैं। उदाहरण के लिए शहर के एक विद्यालय के निकट शराब की दुकान संचालित है। बियर बार के पास निजी विद्यालय है जबकि शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर विद्यालय के समीप भी शराब की दुकान संचालित है।
बिस्कोहर कस्बे के पूर्व माध्यमिक विद्यालय से करीब 100 मीटर के दायरे में गुटका और सिगरेट की दुकानें संचालित हैं। एक निजी विद्यालय के ठीक बगल में बीड़ी, सिगरेट और गुटखा खुलेआम बेचा जा रहा है। दोपेडवा चौराहा-बिस्कोहर मार्ग और खानकोट-सेमरी मार्ग पर मुडिला मिश्र गांव के पास स्थित निजी विद्यालयों के सामने भी पान-गुटके की दुकानें खुली हैं। बुड्ढी खास गांव के कंपोजिट विद्यालय के आसपास भी तंबाकू उत्पादों की कई दुकानें संचालित हैं।
इसी तरह डुमरियागंज क्षेत्र में एक निजी मदरसे से करीब 200 मीटर की दूरी पर अंग्रेजी और देशी शराब का ठेका है। वहीं एक इंटर कॉलेज की दीवार से सटी दुकान पर गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं। शोहरतगढ़ इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और बांसी के कई सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के आसपास भी कमोबेश यही स्थिति देखने को मिलती है।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चे रोज इन दुकानों के सामने से गुजरते हैं। कई बार दुकानों के बाहर लोग धूम्रपान करते भी दिखाई देते हैं, जिससे बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। शिक्षकों का कहना है कि विद्यालयों में बच्चों को नशे से दूर रहने की सीख दी जाती है, लेकिन स्कूल के बाहर का माहौल उस प्रयास को कमजोर करता है।
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अभिभावकों की मांग
- स्कूलों के आसपास तंबाकू और शराब की दुकानों की जांच हो।
- प्रतिबंधित दायरे में संचालित दुकानों पर कार्रवाई की जाए।
- पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग संयुक्त अभियान चलाएं।
- विद्यालयों के आसपास नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
क्या कहते हैं नियम?
- सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 की धारा 6(बी) के तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज (करीब 91.4 मीटर) के दायरे में तंबाकू उत्पादों (गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, पान मसाला आदि) की बिक्री प्रतिबंधित है।
- 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद बेचना या उससे तंबाकू उत्पाद बिकवाना भी प्रतिबंधित है।
- प्रत्येक स्कूल, कॉलेज या शिक्षण संस्थान के बाहर स्पष्ट रूप से बोर्ड लगाना अनिवार्य है, जिस पर लिखा हो कि इस शिक्षण संस्थान के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है।
- नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान है।
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शैक्षणिक संस्थानों के आसपास प्रतिबंधित दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री नियमों का उल्लंघन है। यदि कहीं ऐसी दुकानें संचालित होने की शिकायत या तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित विभागों के साथ संयुक्त जांच कराई जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर