- अलम, ताबूत, अमारी, जुलजनाह और ताजियों के साथ नौहा-मातम, कर्बला के 72 शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
- सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम, मेडिकल कैंप में 320 मरीजों का हुआ निशुल्क उपचार
भवानीगंज। हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में मंगलवार को चेहल्लुम परंपरागत तरीके से मनाया गया। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के शिया बहुल कस्बा हल्लौर में अलम, ताबूत, जुलजनाह, अमारी और ताजियों के साथ मातमी जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों ने नौहा पढ़कर मातम किया और कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
चेहल्लुम की पूर्व संध्या पर सोमवार रात कस्बे के इमामबारगाहों और चौकों पर ताजिये रखकर मरसिया, मजलिस, नौहा पढ़कर मातम का सिलसिला पूरी रात चलता रहा। मंगलवार सुबह करीब सात बजे इमामबाड़ा सेठ बाबा से अंजुमन फरोग-ए-मातम के नेतृत्व में अलम, जुलजनाह और अमारी का जुलूस निकला। वहीं अंजुमन गुलदस्ता-ए-मातम की ओर से इमामबारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी से अलम, ताबूत और जुलजनाह का जुलूस निकाला गया।
दोनों जुलूस पूरे कस्बे में निर्धारित मार्गों से होते हुए दोपहर करीब 12 बजे हल्लौर चौराहे पर पहुंचे। यहां नौहाख्वानों ने कर्बला की शहादत पर आधारित मार्मिक नौहे पढ़े, जिन पर अकीदतमंदों ने सीनाजनी और मातम किया। बाद में जुलूस वापस कस्बे में पहुंचा। शाम करीब चार बजे घरों और इमामबारगाहों के चौकों पर रखे गए ताजियों को जुलूस के साथ कर्बला ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया। कर्बला में भी नौहा पढ़कर, मातम और जंजीर-कमा का मातम हुआ। मातम करने वालों पर लोगों ने केवड़ा जल छिड़ककर अपनी अकीदत का इजहार किया। मार्ग में जगह-जगह शर्बत, चाय और सबील की व्यवस्था भी की गई।
चेहल्लुम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए एसडीएम विवेकानंद मिश्र, सीओ बृजेश कुमार वर्मा के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय मौजूद रहे।
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बीमार-ए-कर्बला मेडिकल कैंप में 320 मरीजों का उपचार
- चेहल्लुम के अवसर पर अंजुमन हैदरी हल्लौर ब्रांच गोरखपुर और मोमनीन हल्लौर के संयुक्त तत्वावधान में हल्लौर चौराहे पर निशुल्क बीमार-ए-कर्बला मेडिकल कैंप लगाया गया। शिविर में चिकित्सकों ने 320 मरीजों की जांच कर उन्हें निशुल्क दवाएं वितरित कीं। इस दौरान डॉ. अब्बास रिजवी, डॉ. आफरीन, रफीउल्लाह खान, डॉ. शम्स असगर, डॉ. फरहान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।