भनवापुर। क्षेत्र के नवेल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को शाम अवध धाम से पधारे कथा वाचक आचार्य उत्तम कृष्ण शास्त्री ने ज्ञान वैराग्य भक्ति की कथा श्रवण कराया। उन्होंने बताया बिना कथा सत्संग के ज्ञान वैराग्य भक्ति की प्राप्ति नहीं हो सकती है।
आगे की कथा श्रवण कराते हुए उत्तम कृष्ण शास्त्री ने बताया कि धुंधकारी गोकर्ण की अद्भुत कथा का भी श्रवण कराया। कथा के दौरान बताया कि भागवत कथा श्रवण करने से घर के पितृदोष की शांति मिलती है। उन्होंने बताया कि आत्म देव ने पुत्र के लिए जंगल में जाकर मरने का निश्चय किया। संत की कृपा से फल प्राप्ति से पुत्र की प्राप्ति हुई। गोकर्ण महान ज्ञानी हुए धुंधकारी महा दुष्ट हुआ।