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खलीलाबाद-बहराइच रेललाइन : 10 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहीत, 21 तक दावा-आपित्त का मौका

Fri, 14 Aug 2026 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- रेलवे संशोधन अधिनियम की धारा-20ई के तहत अधिसूचना प्रकाशित
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- बांसी तहसील के प्रभावित किसानों को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष देना होगा दावा या आपत्ति
सिद्धार्थनगर। खलीलाबाद-बहराइच नई रेललाइन के निर्माण की प्रक्रिया जिले में आगे बढ़ गई है। रेललाइन के लिए बांसी तहसील के 10 गांवों की भूमि प्रभावित होगी। भू-अधिग्रहण प्रस्ताव के संबंध में रेलवे (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा-20ई के तहत अधिसूचना भारत के राजपत्र में 14 जुलाई को प्रकाशित हो चुकी है। इसके बाद 31 जुलाई को स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों में भी सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई थी। अब प्रभावित भू-स्वामियों और किसानों को दावा-आपत्ति दाखिल करने के लिए 21 अगस्त तक मौका दिया गया है।
रेलवे की ओर से प्रस्तावित निर्माण में बांसी तहसील के अंतरखुसवा, परसिया, बहेरवा, अकसरामाफी, मिठवल बुजुर्ग, सिसईकला, गिधौरा, सिसवा, पेडार और बाम्हनपुरवा गांवों की भूमि प्रभावित होगी। इन गांवों में जिन लोगों की जमीन प्रस्तावित रेल परियोजना के लिए अधिग्रहण की जद में आ रही है, वे निर्धारित अवधि में अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
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21 दिन में देना होगा दावा-आपत्ति
- विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी गौरव श्रीवास्तव की ओर से जारी सूचना के अनुसार सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन की तिथि से 21 दिन के भीतर प्रभावित भू-खंडों के हितबद्ध कृषक या भूस्वामी अपना क्लेम यानी दावा अथवा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें सक्षम प्राधिकारी (भूमि अध्याप्ति), अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), सिद्धार्थनगर के कार्यालय में आवेदन देना होगा।
प्रभावित लोग स्वयं कार्यालय पहुंचकर दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अलावा अधिकृत प्रतिनिधि या अधिवक्ता के माध्यम से भी इसे दाखिल किया जा सकता है। दावा-आपत्ति के साथ संबंधित भूमि और स्वामित्व से जुड़े अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे ताकि मामले की जांच की जा सके।

नई रेललाइन से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
- खलीलाबाद-बहराइच नई रेलवे लाइन पूर्वांचल और देवीपाटन मंडल के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है। सिद्धार्थनगर के बांसी क्षेत्र से इसके गुजरने से जिले के कई हिस्सों को रेल नेटवर्क से बेहतर जुड़ाव मिलने की उम्मीद है। परियोजना के निर्माण से आवागमन के साथ व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है।
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वर्तमान चरण में प्रभावित भूमि से संबंधित वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। दावा-आपत्ति की अवधि पूरी होने के बाद प्राप्त आपत्तियों और दावों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद भू-अधिग्रहण की अगली कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
- गौरव श्रीवास्तव, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी
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