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Siddharthnagar News: जंक फूड बना रहा बीमार, युवा हो रहे एनीमिया के शिकार

Sun, 21 Sep 2025 11:09 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में डाइट सबसे अहम किरदार निभाती है। ये पोषक न होने से शरीर पर दुष्प्रभाव भी डालती है। बच्चों में जंक फूड का कल्चर बढ़ रहा है, इससे युवा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
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वहीं, आयरन रिच भोजन डाइट में शामिल न होने से बच्चों में खून की कमी के मामले भी बढ़ गए हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस समय एनीमिया शिकार के अधिक युवा मरीज पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रत्येक तीसरे युवा में हीमोग्लोबिन आठ ग्राम प्रति डेसीलीटर से कम रह रहा है।
जंक फूड के अधिक सेवन व असंतुलित आहार लेने से बच्चे भी एनीमिया के शिकार हो रहे हैं। ग्रामीण से लेकर शहर तक के बच्चों में हीमोग्लोबिन आठ ग्राम प्रति डेसीलीटर से भी कम मिला है। इसमें बेटियाें की संख्या अधिक हैं जो एनीमिया की चपेट में हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्र से शहर के बच्चे और लगभग 19 वर्ष तक के युवा शामिल हैं। दोनों क्षेत्रों में तीन में से एक बच्चे में एनीमिया की शिकायत भी मिल रही है।
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चिकित्सकों के अनुसार बच्चों व किशोरावस्था में एनीमिया की प्रमुख वजह संतुलित आहार कम और जंक फूड का अत्यधिक सेवन है। इसकी वजह से खेलने-कूदने की उम्र में बच्चे थकान व सांस फूलने की दिक्कत से जूझ रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता भारती ने बताया कि एनीमिया से पीड़ित बच्चों में भूख कम लगने की शिकायत होती है। इनमें सांस फूलने, खांसी, उल्टी, पेट दर्द व हड्डियों में दर्द की दिक्कत भी होती है। जंक फूड का अधिक सेवन एनीमिया का कारण है।
बताया कि एनीमिया में लाल रक्त कोशिका और हीमोग्लोबिन की कमी होती है जो ऊतकों तक ऑक्सीजन ले जाने के लिए जरूरी है। हीमोग्लोबिन आठ ग्राम से कम होने का मतलब गंभीर स्थिति है। इससे किशोरों का विकास प्रभावित होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। 10 से 19 वर्ष के बीच बच्चे का शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक विकास होता है, जिसमें संतुलित आहार की कमी एनीमिया का कारण है।
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