- तीन दिवसीय जिगिना धाम मेला में जुटेंगे कई प्रांत के लोग
इटवा। तहसील क्षेत्र के उत्तर दिशा में सेमरी-दुईपेडउवा मार्ग पर स्थित जिगिना धाम मंदिर परिसर में लगने वाले मेले की शुरुआत सोमवार को चार बजे धनुष यज्ञ कार्यक्रम के साथ हो गई। बलरामपुर जनपद के नजदीक स्थित सिद्धार्थनगर क्षेत्र में लगने वाला यह मेला एक सप्ताह तक चलेगा।
स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि पूर्व में एक माह तक चलने वाला यह मेला सिमटकर अब एक सप्ताह भर का रह गया है। लेकिन, तीन दिन यहां दूर-दराज के आने वाले श्रद्धालुओं के चलते भारी भीड़ होती है। इसमें नेपाल के लोग भी शामिल होते हैं। जिगिना धाम मंदिर के महंत बाबा विजय दास कहते हैं कि मेले की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। दूर-दराज की दुकानदार आ चुके हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए नाव का झूला, मुन्ना का झूला, मौत का कुआं, खजले की दुकान सहित जनपद के अन्य क्षेत्रों की दर्जनों दुकानें समय से पूर्व ही लगाई जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को धनुष यज्ञ के मंचन के बाद मेले की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस धाम के मेले की विशेषता है कि यहां रात-दिन भीड़ का क्रम बना रहता है।
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अलाउद्दीन खिलजी ने दी थी जमीन
इटवा। अलाउद्दीन खिलजी भी जिगिना धाम मंदिर से बहुत ही प्रभावित रहे, जिसके चलते उन्होंने मंदिर के लिए काफी भूमि दान में दी। बाबा विजय दास कहते हैं कि वह समय मंदिर के लिए स्वर्णिम काल रहा। लेकिन, अब न तो वह जमीन ही रही और न ही कोई सुविधाएं। मंदिर परिसर का काफी भू-भाग अतिक्रमण का शिकार है। विकास कार्य शून्य है जबकि यहां आज भी रोजाना दूर-दराज श्रद्धालु आते रहते हैं।