सिद्धार्थनगर। नेपाल में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में नेपाल के साथ भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं। सूत्रों के मुताबिक सीमावर्ती जिलों में स्थित मस्जिदों, मंदिरों और मदरसों की विशेष निगरानी की जा रही है।
खुफिया एजेंसियों ने किसी भी तरह की अफवाह, उकसावे या बाहरी दखल की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि सीमा पार की घटनाओं का असर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में न पड़े। चुनाव से पहले हुई सामुदायिक हिंसा की वजह से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ककरहवा से बढ़नी बाॅर्डर तक नेपाल से लगने वाली जिले की 68 किलोमीटर सीमा क्षेत्र में गोपनीय एजेंसी के साथ ही सशस्त्र और पुलिस बल की ओर से जांच और निगरानी की जा रही है। दोनों देशों की एजेंसी एक-दूसरे से समन्वय स्थापित करके सुरक्षा व्यवस्था पर काम कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक नेपाल के धनुषा जिले में एक मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना के बाद हालात तेजी से बिगड़े, जिसके चलते पूरे नेपाल में अलर्ट घोषित किया गया है। इस घटनाक्रम का सीधा असर सीमावर्ती भारतीय इलाकों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में मधेश क्षेत्र से जुड़े दोनों समुदायों के लोग रहते हैं और सामाजिक-धार्मिक रिश्ते गहरे हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए नेपाल में सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है। नेपाल की एजेंसियां अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं कि हिंसा के पीछे कोई संगठित साजिश या भड़काऊ नेटवर्क तो सक्रिय नहीं। वहीं, बॉर्डर पर नेपाल पुलिस ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाते हुए सहयोग की मांग की है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से पहले ही निपटा जा सके।
सीमावर्ती थानों की पुलिस, एसएसबी और अन्य सुरक्षा बलों को संवेदनशील स्थानों पर गश्त तेज करने और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तालमेल स्थापित कर जांच: सूत्रों के मुताबिक नेपाल के धनुषा जिले में मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद भड़की हिंसा से सतर्कता बरती जा रही है। पूरे नेपाल में अलर्ट, सीमावर्ती भारतीय इलाके भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। भारत-नेपाल बॉर्डर पर मस्जिद, मंदिर और मदरसों की विशेष निगरानी की जा रही है।
सोशल मीडिया पर अफवाह और भड़काऊ पोस्ट पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हर पोस्ट को गंभीरता से देखा जा रहा है। बॉर्डर सुरक्षा को लेकर नेपाल पुलिस-भारतीय एजेंसियों में तालमेल स्थापित करके नेपाल की एजेंसी काम कर रही है। सीमावर्ती थानों की पुलिस और सुरक्षा बल 24 घंटे अलर्ट मोड में है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी: नेपाल से जुड़े सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक सोशल मीडियपिर ही पोस्ट के बाद हिंसा भड़की और बवाल बढ़ गया। इसलिए सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर नजर रखी जा रही है।
नेपाल के एक स्पेशल सेल की ओर से फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स (ट्विटर) पर भड़काऊ कंटेंट पर नजर रखी जा रही है। सीमा पार से वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट की सत्यता जांच की जा रही है। अफवाह फैलाने वाले अकाउंट चिह्नित कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।