सिद्धार्थनगर। दिल्ली बम ब्लास्ट और रोहिंग्या व बांग्लादेशियों की घुसपैठ और यूपी के कई जनपदों से संदिग्ध आतंकियों की धरपकड़ के बाद सीमा पर सुरक्षा एजेंसी और खुफिया विभाग की गतिविधि तेज हो गई है। नेपाल बॉर्डर पर पनपती देश विरोधी गतिविधियों को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा एजेंसियों ने धार्मिक स्थलों पर निगरानी तेज कर दी है। हाल के दिनों में बने धार्मिक स्थल एजेंसियों के रडार पर हैं।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों को मिले इनपुट पर आशंका है कि कुछ धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल अवैध घुसपैठियों को शरण देने या संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इसी कड़ी में भारतीय एजेंसियां नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर सीमा पार तक नजर रखे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक सीमावर्ती इलाके में हाल के वर्षों में तेजी से बने धार्मिक स्थलों के निर्माण, फंडिंग, संचालन और वहां रहने–पढ़ने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है।
एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि किन मदरसों में बाहरी राज्यों या सीमा पार से आए लोग ठहरे हुए हैं। दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद खुफिया तंत्र और सतर्क हुआ है, जिसके चलते मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के मूल निवास, पहचान और आवाजाही से जुड़े इनपुट जुटाए जा रहे हैं। नेपाल से सटे 68 किलोमीटर लंबे सीमावर्ती क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां ऐसे कर रही है जांच: सत्रों के मुताबिक बॉर्डर पर जांच करने वाली एजेंसी कई बिंदुओं पर काम कर रही है। इसमें हाल के वर्षों में बने धार्मिक स्थलों की सूची, निर्माण की अनुमति और जमीन से जुड़े दस्तावेज, फंडिंग के स्रोत और दानदाताओं की जानकारी, वहां रहने/पढ़ने वालों की पहचान व पृष्ठभूमि, बाहरी राज्यों व नेपाल से संपर्क की पड़ताल, यहां पर पढ़ने वाले छात्रों के आधार/पहचान पत्र का सत्यापन, स्थानीय, बाहरी राज्य और नेपाल से आए छात्रों की सूची, हॉस्टल या ठहराव की व्यवस्था की जांच, अचानक संख्या बढ़ने वाले धार्मिक स्थलों पर एजेंसियां विशेष नजर रख रही हैं।