डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित इमाम बारगाह हुसैनिया वक्फ शाह आलमगीर सानी में अंजुमन फरोग मातम की ओर से सालाना अशरे की चौथी मजलिस आयोजित हुई। इसमें मौलाना काजिम मेंहदी उरूज ने संबोधित कर दीने इस्लाम की अहमियत और मकसदे हुसैन को विस्तार से बयान किया।
मौलाना काजिम मेंहदी ने कहा कि दीने इस्लाम को पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब ने पूरे विश्व में बड़ी मेहनत से आपसी भाईचारे और प्यार मोहब्बत से पहुंचाया और लोगों को एक दूसरे के साथ इंसानियत और मानवता से पेश आने की नसीहत दी। मौलाना ने कहा कि नाना हजरत मोहम्मद साहब ने जहां इस्लाम को फैलाया, वहीं उनके नवासे हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में यजीदी लश्कर के हर जुल्म सितम को बर्दाश्त करते हुए अपनी और परिजनों व साथियों की अजीम कुर्बानी देकर इस्लाम और इंसानियत, मानवता की हिफाजत की। मौलाना ने मजलिस के आखिर में कर्बला के शहीदों का मसायब बयान किया। मजलिस से पहले मर्सिया हैदरे कर्रार और उनके सहयोगी ने पढ़ा।