सिद्धार्थनगर। खाद वितरण को पारदर्शी और सुलभ बनाने के तमाम व्यवस्थाएं और दावे कि गए, लेकिन इसके बाद भी एक-एक बोरी के लिए किसान परेशान हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद कभी अंगूठा, कभी ऑनलाइन अपडेट तो कभी मेंबरशिप कार्ड की बाधा किसानों की परीक्षा ले रही है।
सरकारी समितियों पर खाद पाने की आस में उमड़ी भीड़ अब मारामारी और तकरार में बदल रही है। हालत यह है कि कई जगह तू-तू, मैं-मैं, हाथापाई के साथ सड़क जाम करने तक की नौबत आ जा रही है जबकि व्यवस्था सुधार के नाम पर की गई कार्रवाई भी किसानों को राहत देने में नाकाम है।
प्रशासन का दावा है कि तस्करी रोकने के लिए ऑनलाइन अपडेट, बाॅयोमीट्रिक प्रणाली और क्षमता से अधिक बिक्री पर कार्रवाई की गई। 30 दुकानों पर चाबुक भी चला, लेकिन जमीनी हालात जस के तस हैं। सबसे बड़ी परेशानी यह कि करीब 70 प्रतिशत किसानों के पास सहकारी समिति की मेंबरशिप नहीं है। लाइन में लगने के बाद जब मेंबर कार्ड मांगा जाता है, तब विवाद शुरू हो जाता है।
किसान का कहना है कि वह खाद चाहते हैं, पर उन्हें कागजी औपचारिकताओं में उलझा दिया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि खाद वितरण में पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन सुलभता उससे भी ज्यादा। जब किसान लाइन में लगकर भी खाली हाथ लौटे तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है। जरूरत इस बात की है कि नियम किसानों के लिए हों, किसान नियमों के लिए नहीं। जब तक मेंबरशिप और आपूर्ति की उलझनें दूर नहीं होंगी, तब तक खाद का संकट, खेत से सड़क तक हंगामे की स्थिति बनी रहेगी।
यूरिया खाद के लिए उमड़े किसान: पथरा। साधन सहकारी समिति पथरा बाजार में रविवार को यूरिया वितरण के दौरान भारी भीड़ उमड़ी। लंबी कतारों में लगे किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। क्षेत्र के किसान तीन दिनों से समितियों का चक्कर काट रहे, जिस किसान को खाद मिली वह खुश होकर घर लौटा। वहीं, जिसे नहीं मिली वह मायूस होकर प्राइवेट दुकानदारों से महंगे दाम पर यूरिया खरीद रहे हैं। क्षेत्र के किसान अरविंद, छेदीलाल, राम नैन, सुनील, गंगाराम सहित कई अन्य किसानों ने बताया कि तीन दिनों से लगातार भोर में आकर खाद के लिए पूरे दिन खाद गोदाम पर जमे रहते हैं और शाम को मायूस होकर घर लौट जा रहे हैं। निजी दुकानों पर यूरियामहंगे दामों पर बिक रहा है। इसी कारण वे सस्ते दरों पर खाद लेने के लिए सहकारी समितियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
इस संबंध में समिति के सचिव रामफेर यादव ने बताया कि पथरा बाजार स्थित दोनों समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है जो किसानों को दिया जा रहा है।
टोकन लेकर घूम रहे किसान, नंबर का इंतजार: भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के किसानों का खाद को लेकर समस्या कम नहीं हो रही है। चार दिन पहले मिला टोकन लेकर घूम रहे किसानों को अपने नंबर का इंतजार है। इतना ही नहीं क्षेत्र के अधिकांश प्राइवेट दुकानों पर यूरिया नहीं है। वहीं, जिन दुकानदारों के पास है वे मनमाने रेट वसूल कर रहे हैं। ऐसे में किसानों को चिंता सताना लाजमी है।