नौगढ़ उसका बाईपास पर कूड़ा नदी पर निर्माणधीन पुल। संवाद
सिद्धार्थनगर। हाईवे और बाईपास के निर्माण कह सुस्त रफ्तार से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। धीमी गति के कारण एनएच-730 का निर्माण कार्य निर्धारित समय से पूरा होता नजर नहीं आ रहा है जबकि निर्माण कार्य में देरी के चलते कार्यदायी एजेंसी पर अर्थदंड भी लगाया जा चुका है।
वहीं उसका बाईपास के निर्माण में मिट्टी की उपलब्धता रोड़ा बनी हुई है, जिससे काम में देर हो रही है। इसका खामियाजा राहगीरों और वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें वर्तमान में मदनपुर से उसका होते हुए लक्षनपुर तक आठ किमी दूरी तक सड़क के गड्ढों में हिचकोले खाने के साथ ही गुबार से सांस लेना मुश्किल हो गया है।
एनएच-730 पर महराजगंज की सीमा से उसका बाजार और शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी सड़क निर्माण के लिए चार वर्ष पहले 500 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ था। इसके तहत सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने के साथ ही उसका बाजार में आठ और चिल्हिया में 2.5 किमी लंबे बाईपास का भी निर्माण होना था। दो वर्ष की देरी के बाद शुरू हुए निर्माण की धीमी गति होने से काम समय से पूरा होने में बाधा आ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी उसका बाईपास के लिए चिह्नित निचली भूमि की पटाई के लिए मिट्टी की उपलब्धता नहीं होने से है। इसकी वजह से अभी तक बाईपास निर्माण कार्य में देरी हो रही है। वर्तमान में बाईपास के लिए कुछ दूरी तक मिट्टी पटाई का कार्य हुआ है, लेकिन बारिश से हुए जलभराव के बाद काम को बंद करा दिया गया।
वहीं संबंधित एजेंसी को आसपास मिट्टी नहीं मिलने से अभी और देर होने की आशंका बढ़ गई है। उधर, मदनपुर से उसका होते हुए लक्षनपुर तक और बाइक सवारों को धूल के कारण सांस की समस्या उत्पन्न हो रही है। सड़क के गड्ढों में हिचकोले खाने से राहगीरों को कमर, गर्दन समेत शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द से परेशानी हो रही है।