सिद्धार्थनगर। स्वतंत्रता दिवस को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा का पहरा और सख्त हो गया है। सीमा पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वस्तु की जांच गहनता से की जा रही है। सुरक्षा एजेंसी के साथ ही लोकल थाने की पुलिस और खुफिया विंग अलर्ट है जो बाॅर्डर एरिया में हाल में आने-जाने वालों पर नजर रख रही है।
बढ़नी में शुक्रवार को इलेक्ट्राॅनिक हैंड हेल्ड डिवाइस के साथ ही डाग स्क्वाड की मदद से झोला, बैग और वाहनों की डिक्की की जांच की गई। संदिग्ध दिखने वालों का नाम पता भी नोट किया जा रहा था। इसी प्रकार खुनुवां, अलीगढ़वा, ककरहवा बाॅर्डर पर जांच और निगरानी जा रही है।
जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल बाॅर्डर से लगती है। किसी बड़े पर्व, किसी प्रकार का आतंकी हमला या फिर गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बाॅर्डर जांच और निगरानी तेज हो जाती है। बीते कुछ दिनों में विदेशियों का बार्डर पर मूवमेंट तेज हुआ है। ऐसे में सीमा की संवेदनशीलता बढ़ गई है। बाग्लांदेश, चीन सहित कई देख के नागरिक बार्डर से पकड़ जा चुके हैं।
इन गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्रता दिवस बार्डर पर चौकसी बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब केवल मुख्य रास्तों और चेकिंग प्वाइंट तक सीमित नहीं हैं बल्कि उन पगडंडियों और गैर परंपरागत रास्तों पर भी निगाह रख रही हैं, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर आवाजाही के लिए किया जाता है। सीमा पार से हर व्यक्ति की गतिविधि, उसके दस्तावेज और सामान की जांच पर जोर है।
बढ़नी बाॅर्डर पर एसएसबी के जवान मुस्तैद हैं। वह हर आने-जाने वालों की गहनता से जांच करते नजर आए। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ ही डाग स्क्वाड की मदद से हर झोला, बैग, गाड़ी की डिक्की को चेक करते हुए देखा गया। संदिग्ध दिखने वालों से पूछताछ करने के साथ ही नाम-पता नोट किया गया। इसके अलावा खुनुवां, अलीगढ़वा और ककरहवा जैसे प्रमुख सीमा मार्गों पर आने-जाने वालों की जांच जारी रही है। दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।