डुमरियागंज में स्तिथ राप्ती नदी। संवाद
सिद्धार्थनगर। नेपाल में आई प्रलयंकारी बाढ़ के बाद सिद्धार्थनगर में प्रशासन ने एहतियातन बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। जिले की सभी बाढ़ चौकियों, तहसीलों और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कंट्रोल रूम को सक्रिय कर नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने के साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अभी तक जिले से किसी व्यक्ति के हताहत या लापता होने की सूचना नहीं है।
डीएम ने बताया कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर जिले की बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है। प्रशासन की नजर सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ नदियों के जलस्तर पर भी बनी हुई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त 27 अगस्त की शाम चार बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार जिले की किसी भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर नहीं है।
सबसे अधिक चिंता बानगंगा नदी को लेकर है। बानगंगा बैराज पर शाम चार बजे जलस्तर 93.40 मीटर दर्ज किया गया जबकि खतरे का स्तर 93.42 मीटर है। हालांकि सुबह आठ बजे यहां जलस्तर 93.50 मीटर था, जो आठ घंटे में 10 सेंटीमीटर घटकर 93.40 मीटर हो गया। रिपोर्ट में यहां जलस्तर की प्रवृत्ति स्थिर दर्ज की गई है। राप्ती नदी भी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। बांसी पुल पर सुबह आठ बजे 82.63 मीटर जलस्तर था जो शाम चार बजे घटकर 82.41 मीटर रह गया। इस तरह आठ घंटे में 22 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। बूढ़ी राप्ती नदी के परसोहन घाट पर जलस्तर 89.83 मीटर रहा और शाम तक कोई बदलाव नहीं हुआ। कूड़ा नदी के ककरही पुल पर जलस्तर 81.56 से घटकर 81.48 मीटर और उसका रेलवे पुल पर 78.58 से घटकर 78.54 मीटर हो गया। घोघी लोटन के लोटन पुल, तेलार नाला सड़ुई और जमुआर नाला नौगढ़ में जलस्तर स्थिर रहा।