सिद्धार्थनगर। बदलती जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के कारण अब किशोरियों में अचानक हीमोग्लोबिन कम होने की समस्या बढ़ने लगी है। चिकित्सकों के अनुसार विटामिन बी 12 और फोलिक एसिड की कमी से यह समस्या आ रही है। इस तरह की पांच से छह किशोरियां हर माह इलाज के लिए पहुंच रही हैं। डॉक्टर इलाज के साथ जीवन शैली में बदलाव की सलाह दे रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता भारती ने बताया कि महीने में पांच से छह किशोरी इस तरह की आ रही हैं। इनमें अचानक खून की कमी मिल रही हैं। इससे उनमें तीन से चार प्वाइंट हीमाग्लोबिन मिल रहा हैं। उनके खून जांच में विटामिन बी-12 और फोलिक एसिड की कमी पाई जा रही है। बताया कि इन विटामिनों की कमी से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर घटने लगता है, जिससे कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना, बाल झड़ना और त्वचा का पीला पड़ जाना जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
कहा कि समय पर जांच न कराना और पोषक तत्वों की कमी वाली डाइट एनीमिया को गंभीर बना देती है। बताया कि शरीर पोषक तत्वों को अवशोषित करने में असमर्थ हो तो इस कमी को आहार में बदलाव या सप्लीमेंट्स के जरिये दूर किया जा सकता है।
बताया कि पत्तेदार सब्जियां, बीन्स, अंडे और संतरे का सेवन अधिक करना चाहिए जबकि विटामिन बी 12 के लिए मांस, मछली, डेयरी उत्पाद और अंडे खाएं। वहीं नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद लें।