खुनुवां। नेपाल में छह अक्तूबर तक भारी बारिश और बाढ़ की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा है। नेपाल सरकार ने अलर्ट जारी किया है।
बारिश का असर 24 घंटे बाद जिले में देखने को मिलेगा। ऐसे में अगर भारी बारिश हुई तो जिले में एक बार फिर बाढ़ के हालात उत्पन्न हो सकते हैं। क्योंकि राप्ती नदी को छोड़कर सभी नदियों और नालों में नेपाल से ही पानी आता है।
नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, कोसी, मधेश, बागमती, गंडकी और लुंबिनी प्रांतों में मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है।
चेतावनी में कहा गया है कि नारायणी, बागमती, कमला और कोसी नदियों सहित सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच सकता है। वहीं, महाभारत और चुरे क्षेत्र से बहने वाली छोटी नदियों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
खासतौर पर काठमांडू घाटी, कावरे, सिंधुपालचौक, रसुवा, मकवानपुर, चितवन, सैंखुवासभा, तपलेजंग, इलम, झापा, मोरंग, बारा, परसा, रौतहट और सरलाही जिलों को बाढ़ के जोखिम वाले इलाके के रूप में चिह्नित किया गया है। सरकार ने निवासियों से आग्रह किया है कि वे सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाएं और पहले से तैयारी रखें। गर्भवतियों, बच्चों, बुजुर्गों, विकलांगों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को विशेष प्राथमिकता से सुरक्षित ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण, प्रांतीय और जिला आपदा प्रबंधन समितियों सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों को आपदा तैयारी और बचाव कार्यों में सक्रिय रहने का आदेश दिया गया है। सरकार ने बचावकर्मियों, स्वयंसेवकों और गैर-सरकारी संगठनों से भी राहत और पुनर्वास कार्य प्रभावी ढंग से चलाने की अपील की है।