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Siddharthnagar News: स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में सील...फिर खुल अस्पताल

Mon, 17 Nov 2025 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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चिल्हिया थाना क्षेत्र के गौहनिया स्थित जनता अस्पताल का मामला
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शोहरतगढ़। चिल्हिया थाना क्षेत्र के गौहनिया स्थित जनता अस्पताल फ्रैक्चर सेंटर को एक महिला की पथरी का ऑपरेशन करने के दौरान झोलाछाप ने उसके पेशाब की नली ही काट दी। मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पर कार्रवाई करते हुए सारे डॉक्युमेंट्स को जब्त कर अस्पताल सील कर दिया। मगर सोमवार को शाम छह बजे ग्रामीणों ने अस्पताल को फिर खुला पाया।
मिली जानकारी के मुताबिक, जोगिया थाना क्षेत्र के जोगिया निवासी मीनाक्षी उर्फ तुलसी देवी अगस्त में चिल्हिया थाना क्षेत्र के गौहनिया स्थित जनता अस्पताल फ्रैक्चर सेंटर पेट दर्द का इलाज करवाने के लिए आईं थीं। अस्पताल का संचालक सर्जन बनकर उसकी जांच की। उसने महिला के पेट में पथरी बताई। 10 अगस्त को संचालक ने दूरबीन विधि से पथरी का ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन होने के बाद महिला को लगातार पेशाब से संबंधित गंभीर समस्या होने लगी। वह समस्या से जूझती रहीं और अस्पताल प्रशासन उन्हें गुमराह कर मोटी रकम वसूलता रहा। परेशानी दूर नहीं हुई तो घरवालों ने उन्हें उपचार के लिए गोरखपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां भी स्थिति ठीक नहीं हुई तो वह करीब एक सप्ताह पहले वह उन्हें लेकर लखनऊ गए।
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वहां उपचार के दौरान पता चला कि उनकी पेशाब की नली ही कट गई है। पीड़िता के भाई अविनाश के अनुसार सर्जरी के बाद जब भी वह संचालक से संपर्क करते तो हर बार उन्हें बताया जाता कि ऑपरेशन हुआ है, समय लगेगा सब ठीक हो जाएगा। उसके बाद पीड़िता के भाई की तहरीर पर चिल्हिया पुलिस को मामले को लेकर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने इस मामले कोई कार्रवाई नहीं की। वर्तमान में पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है। अविनाश ने बताया कि जनता अस्पताल का संचालक स्वयं को सर्जन बताकर इलाज करता रहा जबकि अस्पताल न तो पंजीकृत है और न ही वहां कोई योग्य चिकित्सक मौजूद हैं।
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बता दें कि 21 जून को सीएचसी अधीक्षक और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने गौहनिया स्थित जनता अस्पताल पर छापेमारी की थी। निरीक्षण में अस्पताल पूरी तरह अवैध पाया गया था। न कोई डाॅक्टर मौजूद था और न ही जिम्मेदार वैध कागजात ही दिखा सके थे। इसके बाद टीम ने नोटिस देकर तत्काल बंद करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अस्पताल गुपचुप तरीके से चलता रहा और मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करता रहा।
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गौहनिया में स्थित जनता अस्पताल सील कर दिया गया है। अस्पताल के सभी अभिलेख लेकर जांच की जा रही है। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- एके आजाद, सीएचसी अधीक्षक
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