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Siddharthnagar News: किशोर की मौत के बाद भी नहीं जागा स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल संचालक भागा

Mon, 29 Sep 2025 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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भनवापुर। इटवा थाना क्षेत्र के धोबहा चौराहे पर स्थित एक मेडिकल स्टोर स्थित क्लीनिक पर गलत इंजेक्शन लगाने से 15 वर्षीय इंद्रजीत साहनी की मौत हो गई थी। किशोर की मौत के बाद परिजनों की शिकायत पर इटवा पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी है।
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वहीं स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की नींद अब भी नहीं टूटी। वारदात के बाद से मेडिकल स्टोर संचालक क्लीनिक बंद कर भाग गया है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अधिकांश मेडिकल स्टोर पर खुद संचालक मरीज को भर्ती कर इलाज करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निजी अस्पताल अवैध रूप से विभागीय संरक्षण में संचालित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार इटवा थाना क्षेत्र व खुनियांव ब्लाॅक क्षेत्र के होलिया पुर गांव निवासी विष्णु साहनी का 15 वर्षीय बेटा इंद्रजीत साहनी की तबीयत 24 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे बिगड़ गई। परिजन उसे धोबहा चौराहे पर स्थित जनता मेडिकल स्टोर में बने क्लीनिक पर ले गए। मेडिकल स्टोर संचालक इमरान जो खुद को डाॅक्टर बताता है, उसने बेटे को ड्रिप लगाई। इसके बाद उसके कमर में कोई इंजेक्शन लगाया। पिता का आरोप है कि इंजेक्शन लगाते ही इंद्रजीत के मुंह से खून और झाग आने लगा और वह बेहोश हो गया। हालत बिगड़ता देख इमरान ने तत्काल डुमरियागंज ले जाने का सलाह दी। बेटे को लेकर डुमरियागंज, वहां से बस्ती और बस्ती के डाॅक्टरों ने उसे गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इंद्रजीत ने दम तोड़ दिया।
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बेटे की मौत के बाद पिता विष्णु साहनी ने इटवा पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस आरोपी इमरान के खिलाफ केस दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करा कर जांच में जुटी है।
वहीं आरोपी मेडिकल स्टोर बंद कर भाग गया है। स्थानीय लोगों की मानें तो धोबहा स्थित जनता मेडिकल स्टोर बगल के चौराहे हथिया में अधिकांश मेडिकल स्टोर और निजी अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, जिन्हें विभागीय संरक्षण में संचालित किया जा रहा है। आए दिन यहां गलत इलाज के चलते लोगों को अपने जान से हाथ धोना पड़ता है।शिकायत करने के बाद जिम्मेदार आते हैं और जांच के नाम पर कोरम पूरा करके चले जाते हैं।
अधीक्षक सीएचसी खुनियांव डॉ. पीएन यादव ने बताया कि अभी मेडिकल स्टोर क्लीनिक पर कार्रवाई के लिए विभागीय निर्देश नहीं मिले हैं। वैसे अपने स्तर से पीड़ित के घर गया था।म
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