खुनियांव क्षेत्र के ग्राम पंचायत लक्ष्मनपुर उर्फ बल्लीजोत गांव में इलाज के इंतजार में बैठे मरीज
शाहपुर/सिद्धार्थनगर। रहस्यमय बीमारी से जूझ रहे खुनियांव ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत लक्ष्मनपुर उर्फ बल्लीजोत गांव के दो दर्जन परिवारों को राहत नहीं मिली।
मंगलवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम फिर गांव में पहुंची और कई लोगों को कुछ दवाएं भी दीं, लेकिन जांच करवाने वालों को रिपोर्ट आने का इंतजार करने काे कहा गया। वहीं, गांव में कई पीड़ित ऐसे भी हैं, जिनकी अब तक जांच भी नहीं हुई है। वहीं, पानी के नमूने की जांच रिपोर्ट में फ्लोराइड की मात्रा मानक से अधिक मिली है। बड़हरा खास गांव में निषाद समुदाय के आधा दर्जन से अधिक परिवार इस बीमारी से जूझ रहे हैं। ग्रामवासियों का कहना है कि जिम्मेदार मामले पर लापरवाह बने हुए हैं। इससे पहले दो जनवरी को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम गठित की, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट नहीं आई। ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े कर रहे हैं। खुनियांव ब्लॉक के बड़हरा खास गांव में रहस्यमयी बीमारी ने गांववासियों की जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जांच रिपोर्ट के लंबित रहने से इलाज शुरू नहीं हो सका। पानी में फ्लोराइड संदूषण ने खतरे को और बढ़ा दिया है। गांव में कई ऐसे मरीज भी हैं, जो स्वास्थ्य खराब होने के कारण जांच स्थल तक नहीं जा पाए।
पानी में फ्लोराइड संदूषण : जल परीक्षण प्रयोगशाला में ग्राम पंचायत लक्ष्मनपुर के 12 प्राइवेट हैंडपंप का पानी जांचा गया। सालिक राम और अंकित हरिश्चंद्र के हैंडपंप में फ्लोराइड की मात्रा सुरक्षित सीमा से अधिक पाई गई।
कल जांच करेगी मेडिकल कॉलेज की टीम: माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की टीम बृहस्पतिवार को गांव जाकर सभी मरीजों की जांच करेगी। कम्यूनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. नौशाद आलम के नेतृत्व में टीम में आर्थो, बाल रोग, मेडिसिन और डेंटल विभाग के डॉक्टर शामिल होंगे। लक्षणों के अनुसार दवा का दी जाएगी।