सिद्धार्थनगर। पर्यटन विभाग ने जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर जिले के पांच धार्मिक स्थलों पर पर्यटकीय विकास की योजना स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना के तहत एक-एक करोड़ की लागत से इन पांचों प्राचीन मंदिरों पर पर्यटकीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें प्रसिद्ध योगमाया स्थल, गालापुर वटवासिनी मंदिर व भिरंडा माई मंदिर शामिल है, जहां बड़ी संख्या श्रद्धालु आते हैं।
इस कार्य के होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। साथ ही यहां के धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत संरक्षित होंगे।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्र के धार्मिक स्थलों का प्रस्ताव मांगा था। इसके तहत जिन धार्मिक स्थलों पर अधिक श्रद्धालु आते हैं, उनका चयन कर वहां पर्यटकीय सुविधाएं विकसित की जानी हैं।
इस क्रम में सांसद जगदंबिका पाल ने डुमरियागंज क्षेत्र के वटवासिनी गालापुर मंदिर और इटवा क्षेत्र के कटेश्वरनाथ मंदिर का प्रस्ताव भेजा था। विधायक श्यामधनी राही ने कपिलवस्तु क्षेत्र के जोगिया स्थित सिद्धपीठ स्थल योगमाया मंदिर का प्रस्ताव दिया था।
वहीं, विधायक विनय वर्मा ने शोहरतगढ़ क्षेत्र के प्राचीन मंदिर समय माता भिरंडामाई स्थल के पर्यटकीय विकास प्रस्ताव भेजा। जबकि शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने उसका बाजार के मथुरानगर स्थित ब्रह्म बाबा स्थान के विकास का प्रस्ताव दिया था।
पर्यटन विभाग ने इन सभी स्थलों पर पर्यटकीय सुविधाओं के विकास के लिए एक-एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इससे यहां पर पर्यटकों के ठहरने के लिए भवन, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, बाउंड्रीवाॅल, पीने का पानी आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
साथ ही संबंधित मंदिरों की दीवारों पर उनकी ऐतिहासिकता संजोए चित्र उकेरे जाएंगे, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालु मंदिरों के संबंध में जानकारी कर सकेंगे।
निर्माण कार्य का निरीक्षण किया: लोटन। विकास खंड लोटन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत एकडेगवा टोला मैनहीया में बृहस्पतिवार को आयुष अग्रवाल ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व बीडीओ और कार्यक्रम अधिकारी ने पहुंचकर विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान एकडेगवा के टोला मैनहीया में प्रगतिशील कार्य अन्नपूर्णा भवन का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद ग्राम पंचायत में जाकर मुख्यमंत्री आवास सूची के लाभार्थियों के घर जाकर उन लोगों की स्थिति को देखा गया कि जिनका चयन किया गया है वह पात्र है या अपात्र। इस दौरान सचिव देवेंद्र मणि त्रिपाठी, प्रधान प्रतिनिधि पंकज वर्मा आदि मौजूद रहे।