सिद्धार्थनगर। पोखरा खुदाई के नाम पर फर्जीवाड़ा करने की शिकायत की जांच में मनरेगा लोकपाल सुधीर कुमार ने 7.91 लाख रुपये गबन की पुष्टि की है। डुमरियागंज ब्लॉक के ग्राम देईपार निवासी जंगल प्रसाद उर्फ जगराम की शिकायत पर जांच हुई थी। अनियमितता मिलने पर वर्तमान ग्राम प्रधान इंद्रावती, ग्राम पंचायत सचिव हरिशंकर सिंह, तकनीकी सहायक ओमप्रकाश एवं ग्राम रोजगार सेवक राजकुमार पर गबन का केस दर्ज कराने और उनसे धन की रिकवरी करने के निर्देश लोकपाल ने दिए हैं।
शिकायती पत्र की जांच में पाया गया कि मनरेगा योजना के तहत 2024-25 में स्वीकृत परियोजना भट्टा पोखरा की खुदाई कार्य पर 11,07,169 रुपये खर्च हुए थे। इसी कार्य का नाम बदलकर वर्ष 2025-26 में संतराम के बाग के सामने गड्ढा खुदाई कार्य दिखाते हुए 7,91,328 रुपये खर्च कर दिए गए। इस तरह एक ही कार्य को बिना पांच वर्ष पूरा हुए मनरेगा योजना से दोबारा फर्जी तरीके से आईडी बनाकर बिना कार्य कराकर सरकारी धनराशि गबन की गई। मामले में मनरेगा लोकपाल सुधीर कुमार ने वर्तमान ग्राम प्रधान इंद्रावती, ग्राम पंचायत सचिव हरिशंकर सिंह, तकनीकी सहायक ओमप्रकाश एवं ग्राम रोजगार सेवक राजकुमार द्वारा आपस में साझा करके कूट रचित जाली और फर्जी अभिलेख प्रस्तुत करके सरकारी धनराशि 7,91,328 रुपये गबन करने का दोषी पाया है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस धन की वसूली ग्राम प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक से करते हुए अविलंब राजकीय कोष में जमा कराया जाए और उपरोक्त व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग भी पंजीकृत कराया जाए।