- शिशु मृत्यु प्रकरण में सील हुआ था जनता सेवा हॉस्पिटल, देर रात निरीक्षण में खुला मिला परिसर
इटवा। कस्बे स्थित जनता सेवा हॉस्पिटल का सील तोड़कर संचालन करने और अस्पताल परिसर में मेडिकल एजेंसी देर रात खोलने के आरोप में पुलिस ने प्रबंधक, संचालक और मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल की तहरीर पर की गई।
नोडल अधिकारी के अनुसार 23 मई को शिशु की मौत के मामले में हुई शिकायत के बाद 27 मई को विभागीय टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जनता सेवा हॉस्पिटल को सील कर दिया था। उस समय संचालक को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि बिना अनुमति किसी भी स्थिति में अस्पताल का संचालन नहीं किया जाएगा।
आरोप है कि सोमवार देर रात अस्पताल का ताला तोड़कर इलाज किया जा रहा था। सूचना मिलने पर डॉ. मानवेंद्र पाल, डॉ. आरजी सिंह और डॉ. संदीप द्विवेदी ने रात 1:48 बजे अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल खुला मिला और परिसर में एक गर्भवती मौजूद थी, जिसने इलाज कराने आने की बात स्वीकार की। महिला को तत्काल सरकारी वाहन से सीएचसी इटवा भेजा गया।
निरीक्षण में अस्पताल के भीतर संचालित एमए मेडिकल एजेंसी भी देर रात खुली मिली। अधिकारियों के अनुसार संचालक मेडिकल स्टोर खोलने का संतोषजनक कारण नहीं बता सके। जांच में हाल ही में शल्य क्रिया किए जाने के संकेत भी मिलने का दावा किया गया है।
थानाध्यक्ष अनिल कुमार दुबे ने बताया कि मामले में प्रबंधक, संचालक और मेडिकल एजेंसी संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।