सिद्धार्थनगर। खाद की किल्लत के बीच 72 ऐसे लोगों को खाद बेची गई है, जिनके पास खेत ही नहीं है। ऐसे 11 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
डीएम डॉ. राजागणपति आर के निर्देश पर एसडीएम की जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद जिला कृषि अधिकारी ने संबंधित दुकानदारों से तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। उचित स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर उर्वरक दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ केस दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
जिले के विभिन्न उर्वरक दुकानों से जून व जुलाई में बिना खेत वाले किसानों ने बड़ी मात्रा में खाद की खरीदारी की थी। दुकानों के डाटा से इसका खुलासा होने पर डीएम ने सभी पांचों तहसीलों के एसडीएम को जांचकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसमें अधिक मात्रा खाद खरीदने वाले किसान और दुकानदारों की जांच की गई। इनमें ऐसे किसान भी मिले, जिन्होंने बिना खेत के ही 30 से 50 बोरी खाद खरीद ली थी।
डीएम ने सभी तहसीलों के एसडीएम को इन किसानों की सूची भेजकर उनके पास उपलब्ध खेती के रकबा की जानकारी और विक्रेताओं से सांठगांठ कर खाद की कालाबाजारी में उनकी संलिप्तता समेत अन्य तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। डीएम के निर्देश पर सभी एसडीएम ने एक दिन में जांचकर रिपोर्ट सौंप दी है।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिला कृषि अधिकारी मो. मुजम्मिल ने बताया कि कम या बिना रकबा वाले किसानों को उर्वरक बिक्री करने वाले दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस भेजा है, जिसमें उन्होंने एक ही किसान को बार-बार खाद बिक्री करने का हवाला देते हुए कहा है कि बिक्री सूची के अनुसार संबंधित प्रतिष्ठान से उर्वरक क्रय करने वाले किसानों का कृषिगत भूमि का रकबा कम या शून्य होने के बाद भी उसे अधिक उर्वरक की बिक्री की गई है।
कृषि अधिकारी ने बताया कि सामान्य मानक के अनुसार एक एकड़ क्षेत्रफल के लिए एक बोरी उर्वरक की आवश्यकता होती है जबकि मानक के सापेक्ष रकबा कम होने के बावजूद भी दुकानदारों ने अधिक मात्रा में उर्वरक का विक्रय किया है।
इससे दुकानदार पर अनियमित वितरण कर काला बाजारी के शक में कारण बताओ नोटिस का तीन दिवस के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उर्वरक निबंधन प्रमाण पत्र निलंबित या निरस्त करते हुए दुकानदार के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की बात कही है।
99 किसान और दुकानदारों की हुई जांच: उर्वरक दुकानों के डाटा से मिली सूची में शामिल अधिक मात्रा में खाद खरीदने वाले 99 किसानों और दुकानदारों की जांच की गई। इसमें बीते जून और जुलाई में बड़ी मात्रा खाद खरीदारी करने वाले किसान शामिल हैं। इसमें जून 2025 में 24 किसानों ने 32 से लेकर 50 बोरी तक खाद की खरीदारी की थी, जबकि जुलाई में अधिक मात्रा में खाद खरीदने वाले किसानों की सूची में 75 नाम शामिल थे।
इनमें जिले के नौगढ़, शोहरतगढ़, बांसी, इटवा व डुमरियागंज तहसीलों के सभी 14 ब्लॉकों के किसान शामिल है। जांच में किसानों की ओर से उर्वरक की खरीद में विक्रेताओं से सांठगांठ और कालाबाजारी के तथ्य में आवश्यक जांच करने के बाद आवश्यक कार्रवाई के संबंध में सुस्पष्ट मंतव्य के साथ रिपोर्ट मांगी गई थी।