- डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर कस्बा में स्थित मस्जिदों और इमामबारगाह में आयोजित हुई मर्सिया मजलिस
डुमरियागंज। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की इकलौती बेटी शहजादी फातिमा जेहरा के शहादत दिवस पर मंगलवार को शिया बहुल कस्बा हल्लौर में मर्सिया मजलिस आयोजित हुई। अकीदतमंदों ने नौहा पढ़कर मातम किया और फातिमा जेहरा को नजराना-ए-अकीदत (श्रद्धा सुमन) पेश किए। शिया समुदाय के लोग शोक और गम में डूबे रहे।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित जन्नतुलबकी में मंगलवार की दोपहर मर्सिया मजलिस आयोजित की गई। मजलिस को जाकिर जमाल हैदर करबलाई ने संबोधित कर फातिमा जेहरा की अहमियत को बयान किया। जमाल हैदर ने बताया कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की वफात के बाद उनकी बेटी फातिमा जेहरा पर इस्लाम और इंसानियम के दुश्मनों ने बड़ा जुल्म-अत्याचार किया। उनके घर के दरवाजे को आग लगाकर उन पर गिरा दिया गया, जिससे वह बुरी तरह से झुलस गईं। बाद में उनकी शहादत हो गई थी। मजलिस से पहले मर्सिया अंबर मेहंदी और उनके सहयोगी ने पढ़ा। कार्यक्रम के अंत में कमर अख्लाक ने नौहा ख्वानी की। इस पर अकीदतमंदों ने पूरी शिद्दत से मातम किया। हल्लौर स्थित इमामबारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी और जामा मस्जिद में भी मर्सिया मजलिस आयोजित की गई।