शोहरतगढ़। बानगंगा मुख्य नहर से निकली सेमरा-मसई नहर में पानी नहीं होने से नहर सूखी पड़ी है। इससे क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। नहर से लुचुईया, रमवापुर, बभनी, चोड़ार, करमा, मदरहना उर्फ दत्तपुर, जयपुर और बनगवां समेत कई गांवों के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलती है।
बारिश नहीं होने और तेज धूप के कारण खेतों में धान की फसल सूखने लगी है। किसानों का कहना है कि जल्द खेतों तक पानी नहीं पहुंचा तो धान में बालियां नहीं निकल पाएंगी, जिससे पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों ने बताया कि जब फसल को पानी की सबसे अधिक जरूरत होती है, उस समय नहरें सूखी रहती हैं। वहीं, जब सिंचाई की जरूरत नहीं होती, तब नहरों में पानी भरा रहता है। क्षेत्र के किसान सर्वेश चौधरी, पिंटू चौधरी, विष्णु चौधरी, राम संजीवन और संतराम ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हुई है। सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण धान की फसल तेजी से सूख रही है। ऐसे में फसल की सिंचाई जरूरी हो गई है।