भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र में अधिकांश किसानों के धान की फसल कट चुकी है और खेत तैयार है। गेहूं की बुवाई के लिए किसानों को जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल पा रही है।
किसानों का कहना है कि प्राइवेट दुकानों पर खाद नहीं आने से सरकारी गोदामों पर तैनात सचिवों की मनमानी से 350 से 350 रुपये प्रति बोरी देने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। आरोप है कि सचिव चहेतों को 40-50 बोरी खाद दे दे रहे हैं। लेकिन किसान खाद के लिए इस गोदाम से उस गोदाम का चक्कर लगा रहे हैं।
क्षेत्र के किसानों की मानें तो खाद आने के बाद भी करीब एक सप्ताह तक खाद का वितरण नहीं करता है। जब उसके सेटिंग के नाम मात्र के किसान आते हैं तो उन्हीं लोगों के नाम पर खाद खारिज कर मनमानी तरीके से खाद दी जा रही है।
वहीं क्षेत्र के बिजौरा और रमवापुर जगतराम में भी सचिव पशुपति नाथ गुप्ता की मनमानी चलती है, यहां किसानों को पूरे दिन लाइन में खड़े रहना पड़ता है और उनके चहेते 30 से 40 बोरी लोड कराकर चले जाते हैं। किसानों का कहना है कि पूर्व जिलाधिकारी की सख्ती के बाद धान के सीजन में यूरिया की किल्लत के बावजूद भी सबको खाद मिल जाती थी, लेकिन अब फिर स्थिति पहले जैसी हो गई है।