सिद्धार्थनगर। नेपाल में मार्च में प्रस्तावित चुनाव को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं। पिछले दिनों उपद्रव के बाद नेपाल से भाग निकले अपराधियों की तलाश तेज कर दी गई है।
नेपाल पुलिस ने साफ किया है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह का बवाल न हो, इसके लिए सीमा से लेकर संवेदनशील इलाकों तक कड़ी निगरानी रखी जाएगी। चुनाव को प्रभावित करने की आशंका के मद्देनजर नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती भारतीय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
सूत्रों के मुताबिक, भारत से भागकर नेपाल में शरण लेने की आशंका वाले संदिग्धों की सूची तैयार की जा रही है। जिससे समय रहते उन पर शिकंजा कसा जा सके। ऐसा भी बताया जा रहा है कि नेपाल में उपद्रव के बाद भागने वाले अपराधियों में भी बहुत से बदमाशों का पता नहीं चल पा रहा है। इनके सीमावर्ती जिलों में होने की आशंका है। माना जा रहा है कि अगर यह लोग बाहर रहे तो चुनाव के समस्या बढ़ सकती है।
नेपाल में हुए बवाल और तख्ता पलट के बाद व्यवस्था बेपटरी हो गई। अस्थाई सरकार तो बनी और उसी समय चुनाव की तिथि तय कर दी गई। मार्च में संसदीय चुनाव होना है। अब चुनाव नजदीक आने के बाद नेपाल की सुरक्षा एजेंसी और स्थानीय प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। शांतिपूर्ण तरीके से मतदान होने सके, इसके लिए संदिग्धों की धरपकड़ के लिए काम करना शुरू कर दिया है।
चुनाव को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसी से नेपाल की जांच एजेंसी संपर्क में है। पूर्व में समन्वय बैठक करने के साथ संदिग्ध गतिविधि वालों पर शिकंजा कसने के लिए सूची तैयार की जा रही है, जो नेपाल में चुनाव के दौरान माहौल को बिगाड़ सकते हैं। दोनों देशों की गतिविधियों पर निगरानी की रणनीति तैयार की जा रही है।