सिद्धार्थनगर। प्रदेश के कई हिस्सों में कोडीन युक्त कफ सिरप को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताबड़तोड़ छापेमारी से जिले में भी हड़कंप मचा हुआ है। शनिवार को जिले के कई हिस्सों में मेडिकल स्टोर संचालकों में दहशत का माहौल रहा।
कई इलाकों में दुकानदार दिनभर शटर उठते-गिरते नजर आ रहे हैं। होलसेल का काम करने वाले दुकानदारों ने तो दुकान ही नहीं खोली। बताया जा रहा है कि सबसे अधिक रिकाॅर्ड में हेराफेरी का खेल इनके द्वारा ही किया जाता है।
दवा के धंधे से जुड़े लोगों के मुताबिक संभावित कार्रवाई की आशंका के चलते दवा बाजार में बेचैनी है। कारोबारी अपनी दुकानों पर रहने से कतरा रहे हैं। डुमरियागंज में जांच के दौरान कफ सिरप में बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी। रैक तो मिला, लेकिन उसका रिकाॅर्ड न मिलने के बाद दुकानदार पर प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। गोरखपुर और लखनऊ की आपूर्ति के चेन से जुड़ी सप्लाई होने के बाद सामने आई थी, लेकिन उसकी तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है। ईडी की सक्रियता ने पूरे जिले के दवा कारोबार, खासकर कफ सिरप की बिक्री और सप्लाई चेन को संदेह के घेरे में ला दिया है। सूत्रों के मुताबिक शासन की टीम कोडीन युक्त कफ सिरप की सप्लाई चेन की गहन जांच पहले ही कर चुकी है और उसी के आधार पर अब ईडी की नजर जिले पर टिकी है।
मंडलीय स्तर की टीम दो बार मेडिकल स्टोर और थोक कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों का सर्वे कर चुकी है। इन सर्वे में मिली जानकारियों के आधार पर बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है। जिले में दवा के होलसेल कारोबार का नेटवर्क व्यापक है, ऐसे में छापेमारी की आंच कई ठिकानों तक पहुंच सकती है।