इटवा डुमरियागंज मार्ग पर फेंका जा रहा कूड़ा।
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इटवा। नगर पंचायत इटवा के बनने के बाद कस्बे में सफाई के लिए तैनात कर्मी सड़क के किनारे खुले में मनमाने तरीके से कूड़ा फेंक दे रहे हैं। इससे संक्रामक रोगों का खतरा बना हुआ है। हालत यह है कि यह कहीं भी कूड़ा फेंक दिया जा रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसी स्थिति तब है, जब नगर पंचायत ने 33.67 लाख रुपये खर्च करके डंपिंग ग्राउंड (एमआरएफ केंद्र) का निर्माण कार्य कराया है।
स्थानीय इटवा कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा मिले लगभग तीन वर्षों से अधिक हो गया लेकिन अभी भी कस्बे की सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक पार्टी विशेष के लोगों के परिजनों की सफाई कर्मी के तौर पर भर्ती करने की वजह से ऐसा हो रहा है। यह सफाई कर्मी कभी विशुनपुर सैनी गांव के पास ले जाकर कूड़ा डाल देते थे। जब वहां विरोध होने लगता है तो यह कहीं अन्यत्र डालने लगते हैं। वर्तमान में इटवा-डुमरियागंज मार्ग के किनारे नाले में गिरा रहे हैं जो अब फैलकर सड़क तक आ गया है।
कस्बा निवासी इंद्रसेन सोनी का कहना है कि जब एमआरएफ सेंटर का निर्माण कार्य कराया गया है। इसके बाद भी कूड़ा जहां इच्छा हो वहां क्यों डाला जा रहा है।
इस संबंध में डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि ऐसे कर्मियों के खिलाफ जांचोपरांत कार्रवाई की जाएगी।