- अस्थमा, आंख में एलर्जी सहित स्किन रोग विभाग में भी बढ़े मरीज
- बारिश के बाद खिल रही चटख धूप से मरीजों को हो रही परेशानी
सिद्धार्थनगर। पिछले कई दिनों से तेज धूप खिलने से बढ़ते तापमान और हवा में बदलाव से वायरल व फंगल संक्रमण के मरीज बढ़ गए हैं। सभी ओपीडी में लंबी कतार लग रही है। मरीजों की परेशानी बढ़ने से दोपहर तक मरीजों को तांता लग रहा है। इसमें कोई खुजली से बेहाल है तो कोई कान के दर्द से। किसी की आंख में एलर्जी हो गई है तो कोई वायरल अथवा मच्छर जनित बुखार से तप रहा है। हवा में परागकण व धूल के कण होने से अस्थमा रोगियों की सांस फूलने लगी है। सभी ओपीडी के अपेक्षा मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोगियों की संख्या और भी बढ़ गई है।
मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में भी मरीजों की लंबी कतार लग रही हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. अरफुल खान ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में फंगल संक्रमण के रोगियों की संख्या बढ़ चुकी है। 40 प्रतिशत रोगियों की त्वचा पर लाल चक्कते हो रहे हैं, जिसमें खुजली से लोग परेशान हैं। स्टेरायड क्रीम के उपयोग से कई रोगियों में संक्रमण अंदर ही अंदर फैल चुका हैं। इससे बचाव के लिए सूती कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है जबकि कपड़े अलग धोने के साथ हाथ को अच्छी तरह से साफ करने की सलाह दी जा रही है।
अस्थमा रोगियों की बढ़ रही परेशानी, फूल रहीं सांसें
हवा में नमी और भीषण गर्मी के साथ धूल के कण उड़ने की वजह से अस्थमा रोगियों की दिक्कत बढ़ गई है। श्वास नली में सूजन होने की वजह से खांसते-खांसते सांस फूल रही है। इससे मेडिकल कॉलेज में अस्थमा की वजह से रोगियों की संख्या बढ़ रही है। मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि ओपीडी में करीब 15 प्रतिशत अस्थमा रोगी सांस फूलने की समस्या लेकर आ रहे हैं। कई रोगियों को अधिक समस्या हो रही है।
एलर्जी व कंजक्टिवाइटिस के रोगी बढ़े
आंखों में एलर्जी व वायरल कंजक्टिवाइटिस के रोगियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि एलर्जी अथवा वायरल कंजक्टिवाइटिस में रोगी की आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों में चुभन और पानी आने लगता है। यदि समय पर उपचार नहीं किया जाता है तो क्रेटा कंजक्टिवाइटिस होने का खतरा बना रहता है। इससे कॉर्निया में दिक्कत हो जाती है और आंखों में चुभन काफी बढ़ जाती है। यदि किसी को समस्या है तो डॉक्टर को दिखाएं।