सिद्धार्थनगर। ऑनलाइन फूड और सामान की डिलीवरी अब उच्च शिक्षण संस्थानों के हॉस्टल में नशे के सामान की पहुंच का जरिया नहीं बन सकेगी। बाहर से आने वाले सामान की निगरानी और जांच की व्यवस्था प्रभावी की जा रही है। मुख्य गेट पर डिलीवरी की जांच के बाद ही सामान को संबंधित छात्र या कर्मचारी तक पहुंचाने की अनुमति दी जाएगी।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में रात नौ बजे के बाद किसी भी प्रकार की डिलीवरी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा हॉस्टल में नियमित और औचक जांच के लिए टीम भी गठित की गई है। विश्वविद्यालय में भी मुख्य गेट पर जांच की व्यवस्था पहले से लागू है। बिना जांच और इंट्री के किसी बाहरी व्यक्ति या डिलीवरी कर्मी को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती है।
दरअसल, उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन खरीदारी और फूड डिलीवरी सामान्य हो चुकी है। डिलीवरी की इसी सुविधा का इस्तेमाल प्रतिबंधित या नशे से जुड़े सामान को हॉस्टल तक पहुंचाने के लिए किए जाने की आशंका रहती है।
परिसर के भीतर डिलीवरी पहुंचने के बाद सामान की जांच करना मुश्किल हो सकता है। इसी को देखते हुए नशामुक्ति भारत कार्यक्रम के तहत हॉस्टल वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।