भनवापुर। क्षेत्र के गोपिया में चल रहे 10 दिवसीय रामलीला मंचन में सातवें दिन रविवार की रात कलाकारों ने दशरथ प्रतिज्ञा का नाटक और राम-केवट संवाद का मंचन कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
मंचन की शुरुआत दशरथ प्रतिज्ञा के प्रसंग से हुई, जिसमें अयोध्या के महाराज दशरथ की ओर से राम को वनवास देने की विवशता का भावपूर्ण चित्रण किया गया। उसके बाद भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के साथ वनवासी का भेष पहनकर वन के लिए निकलते हैं। उनके पीछे अयोध्या के तमाम लोग निकल कर पीछे-पीछे चलने लगते हैं। कुछ देर बाद नदी पर पहुंचकर भगवान राम-केवट से नदी पार कराने की आग्रह करते हैं। इसके बाद राम-केवट संवाद का मंचन प्रस्तुत हुआ। संवाद की जीवंत प्रस्तुति और संवादों की अदायगी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने केवट और राम के बीच हुए स्नेहपूर्ण संवाद को इतनी सहजता से प्रस्तुत किया कि पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस दौरान सुशील पांडेय, मनीष पांडेय, रोहित, पिंटू,लवकुश यादव, शिव कुमार, कल्लू आदि मौजूद रहे।