शोहरतगढ़ बढ़नी मार्ग पर स्थित टोल प्लाजा पर लगा हुआ बोर्ड। संवाद
तुलसियापुर (सिद्धार्थनगर)। फास्ट टैग के जरिये सफर को तेज और सुगम बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जिले के दोनों टोल प्लाजा पर जमीनी हालात इन दावों से अलग नजर आते हैं।
पीक ऑवर में वाहनों की लंबी कतारें, फास्ट टैग रीडर की बार-बार खराबी, कर्मचारियों और यात्रियों के बीच होने वाले छोटे-बड़े विवाद और सुरक्षा इंतजामों की कमी व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं। पड़ताल में सामने आया कि तकनीक के भरोसे चल रही यह व्यवस्था प्रबंधन की कमजोरी के चलते बार-बार लड़खड़ा रही है। स्थिति ऐसी रही कि बाराबंकी हैदरगढ़ टोल जैसे किसी भी दिन हालात सामने आ सकते हैं।
शोहरतगढ़-बढ़नी हाईवे पर गोल्हौरा मुस्तकहम में स्थित टोल प्लाजा पर व्यवस्थाओं की हकीकत कागजी दावों से काफी अलग नजर आई। पड़ताल में सामने आया कि यहां फास्ट टैग लागू होने के बावजूद यात्रियों को सुविधा कम और परेशानी ज्यादा झेलनी पड़ रही है। टोल प्लाजा पर फास्ट टैग लेन अलग से स्पष्ट रूप से चिह्नित नहीं हैं।