सिद्धार्थनगर। उसका थाना क्षेत्र के ताल भिरौना गांव में बोरिंग मैकेनिक चंद्रबली हत्याकांड में एक सप्ताह का वक्त गुजर गया है। पुलिस ने हर संभावनाओं को टटोल लिया। संदिग्धों से पूछताछ की लेकिन प्रत्यक्ष दिखे तथ्य और पूछताछ में जमीन आसमान का अंतर मिला।
इससे पुलिस की जांच की दिशा बदल जा रही है। यही वजह है कि ओपन मर्डर मानकर जल्द पर्दाफाश करने का दावा करने वाली पुलिस की मुश्किलें फिर बढ़ गई है। सूत्रों की मानें तो पुलिस अब जांच की दिशा को बदल दिया गया है और फिर घटना पर गहन रिसर्च और हत्या के मोटिव जानने के लिए जानकारों का सहयोग ले रही है।
सूत्रों की मानें तो चंद्राबली हत्याकांड की जांच एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। शुरुआती तौर पर मामूली विवाद में हुई हत्या की आशंका अब कमजोर पड़ती दिख रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे चार संदिग्धों से जुड़े ऐसे अहम सुराग मिले हैं, जिनसे यह संकेत मिल रहा है कि वारदात अचानक नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई। इसी कड़ी में पुलिस ने जांच की दिशा बदलते हुए पूरे घटनाक्रम पर दोबारा रिसर्च शुरू कर दी है।
सूत्र यह बता रहे हैं कि पुलिस कई चक्र में कई संदिग्धों से पूछताछ कर चुके हैं। लेकिन, घटना का वक्त, उनकी उससे वार्ता और घटना स्थल पर मिले साक्ष्य में असमानता आ रही है। कड़ी से कड़ी जुड़ नहीं पा रही है।