सिद्धार्थनगर। आधुनिकता के दौर में गलत खानपान और जीवनशैली से डायबिटीज यानी मधुमेह की बीमारी लगातार बढ़ रही है। मौजूदा समय में हर पांच लोगों में से एक इस रोग से ग्रसित है। विशेषज्ञों के अनुसार शारीरिक श्रम और योग से मधुमेह जैसे रोग का आसानी से निदान हो जाता है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन करीब 50 से 60 मरीज मधुमेह बीमारी से ग्रसित होकर पहुंच रहे हैं। इनका इलाज किया जा रहा है। यह मरीज मेडिसिन की ओपीडी के अलावा अन्य ओपीडी में इलाज के दौरान जांच में मिलते हैं।
मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि इस बीमारी में रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है और रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग नहीं कर पाती। ग्लूकोज का बढ़ा हुआ लेवल खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंग-प्रत्यंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। इससे इस बीमारी को लेकर मरीजों को विशेष ध्यान देने कह जरूरत है।
पैदल घूमने और व्यायाम से दूर होता मधुमेह: होमियोपैथ के जिला चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि नियमित पैदल घूमना, शारीरिक व्यायाम, योगासन, प्राणायम से मधुमेह जैसे बीमारी दूर होती है। प्राणायाम में सांस को केवल छोड़ना है। छोड़ने पर पेट अंदर जाता है।
इसके अलावा मंडूकासन, गोमुखासन, योग मुद्रासन, पादागुष्ठ, नासा स्पर्शा सन, हला सन, पाद पश्चिोत्तानासन, वक्रासन, सूर्य नमस्कार के अभ्यास कर मधुमेह रोग से निजात मिल सकती है।
इसलिए मनाते हैं मधुमेह दिवस: विश्वभर में 14 नवंबर को सर फ्रेडरिक बैंटिंग के जन्मदिवस पर मधुमेह (डायबिटीज) दिवस मनाया जाता है। इन्होंने ही इस बीमारी की खोज की थी। इसी क्रम में हर साल 14 नवंबर को मधुमेह से प्रभावित बढ़ते रोगियों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उक्त दिवस मनाया जाता है।
वर्ष 1991 से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 140 देश इस दिवस को मनाते हैं।