भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के बिजौरा गांव में आयोजित संगीतमयी श्रीराम कथा के तीसरे दिन मंगलवार रात कथावाचक बलराम दास ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान सज्जनों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं।
कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग, प्रेम, करुणा और कर्तव्य पालन का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्शों को अपनाकर मनुष्य अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है।
श्रीराम ने अपने आचरण से सत्य के मार्ग पर चलने, माता-पिता का सम्मान करने, बड़ों की आज्ञा मानने और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।