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Siddharthnagar News: कुंती, सती चरित्र व राजा परीक्षित जन्म का प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

Mon, 26 Jan 2026 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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डुमरियागंज नगर पंचायत में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते दिनेशानंद। संवाद
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- श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का द्वितीय दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न
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भनवापुर। नगर पंचायत डुमरियागंज के वार्ड संख्या 10 महाराजा अग्रसेन नगर में रोडवेज के निकट आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस शनिवार की रात्रि भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कथा स्थल पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति भाव से सराबोर नजर आया।

द्वितीय दिवस की कथा में काशी धाम से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक स्वामी दिनेशानंद ने माता कुंती का चरित्र, सती चरित्र तथा राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण और सरल भाषा में वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब-जब संसार में पुण्य का उदय होता है, तब-तब ऐसे दिव्य आयोजनों का संयोग बनता है। श्रीमद्भागवत कथा केवल कथा नहीं बल्कि मानव जीवन को दिशा देने वाला सनातन ज्ञान है। स्वामी दिनेशानंद ने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण वेदों का सार है जो युगों-युगों से मानव जाति तक ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का संदेश पहुंचाता रहा है। कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर छिपे विकार नष्ट होते हैं और जीवन में धर्म, सत्य और करुणा का भाव प्रबल होता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से पापी भी पाप मुक्त हो जाते हैं और आत्मा का कल्याण होता है।
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कथा के दौरान स्वामी ने महाभारत युद्ध से जुड़ा मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि गुरु द्रोणाचार्य के वध के पश्चात उनके पुत्र अश्वत्थामा ने क्रोध में आकर पांडवों के वंश के विनाश हेतु ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया। उस समय अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ में पल रहे शिशु को संकट से बचाने के लिए स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने दिव्य चक्र के माध्यम से रक्षा की, जिससे आगे चलकर राजा परीक्षित का जन्म हुआ। यह प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। स्वामी दिनेशानंद ने माता कुंती के जीवन से सीख देते हुए कहा कि विपत्ति में भी भगवान का स्मरण करने वाला भक्त कभी पराजित नहीं होता। वहीं, सती चरित्र के माध्यम से उन्होंने नारी शक्ति, त्याग और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने का संदेश दिया। इस दौरान धर्मात्मा कसौधन, कमला देवी, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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