जोगिया ककरही बुढ़ी राप्ती पर मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाते श्रद्धालु। संवाद
शोहरतगढ़। नगर पंचायत क्षेत्र में स्थापित 72 दुर्गा मूर्तियों का विसर्जन आस्था और उत्साह के साथ शुक्रवार की रात से शनिवार दोपहर बाद तक डोई नदी में किया गया। इस दौरान मां की अंतिम विदाई श्रद्धालु ने नम आंखों से की। कहा अगले बरस मां फिर आना।
शोहरतगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में स्थापित दुर्गा मूर्तियों का शोभायात्रा डोला शुक्रवार देर गाजे बाजे के साथ उठा। शोभायात्रा नगर में भ्रमण कर डोई नदी में विसर्जन के लिए निकाली गई। यात्रा के दौरान बारिश होने लगी, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। पूरी रात बारिश होती रही मां की मूर्तियों को पन्नी और तिरपाल से ढककर मां के जयकारे व भक्ति गीतों की धुन के बीच विसर्जन किया गया।
विसर्जन शोभायात्रा में आगे श्रीराम दरबार के वाहन थे। उसके पीछे क्रम बद्ध तरीके से नगर की मूर्तियों का डोला चल रहा था। अखाड़ा में युवकों ने तलवार लाठी फरसा डंडा आदि का बेहतर प्रदर्शन कर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।
नगर की सभी प्रतिमाएं डोई नदी के पास स्थित श्रीराम जानकी मंदिर पहुंचीं, जहां पुजारी बालक दास ने आरती और मंत्रोच्चार कर विसर्जन कराया।
अध्यक्ष प्रतिनिधि रवि अग्रवाल ने मूर्तियों को सुरक्षित व नदी में किसी के डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए घाट पर जेसीबी के माध्यम से सभी मूर्तियों को विसर्जित कराया। यात्रा का संचालन सतीश मित्तल व अखाड़ा का किशोरी लाल गुप्ता ने किया।