- जुडवानिया गांव में संगीतमय श्रीराम कथा का चौथा दिन, कथा वाचक ने दिए संस्कार और पारिवारिक एकता के संदेश
भनवापुर। क्षेत्र के जुडवानिया गांव में चल रही संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन बृहस्पतिवार रात कथावाचक पं. राकेश शास्त्री ने भगवान श्रीराम के जन्म, बाल लीलाओं और अहिल्या उद्धार का प्रसंग सुनाया। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे।
कथावाचक ने कहा कि जिस व्यक्ति का बचपन अच्छे संस्कारों के साथ बीतता है, उसका आगे का जीवन भी उत्तम होता है। भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से समाज को प्रेम, अनुशासन, संस्कार और पारिवारिक एकता का संदेश दिया। चारों भाइयों का एक साथ जन्म, नामकरण, यज्ञोपवीत संस्कार, शिक्षा ग्रहण करना और साथ भोजन करना आपसी प्रेम और एकता का आदर्श उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्यों को मिल-जुलकर रहना चाहिए और आपसी प्रेम बनाए रखना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को सुबह उठकर अपने से बड़ों को प्रणाम करना चाहिए। शास्त्रों में प्रणाम करने से आयु, विद्या, यश और बल की प्राप्ति बताई गई है। इसके बाद उन्होंने भगवान श्रीराम द्वारा अहिल्या के उद्धार का प्रसंग सुनाया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान गुरु प्रसाद वर्मा, राजाराम वर्मा, सीताराम वर्मा, विजय बहादुर वर्मा, गोविंद वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।