सिद्धार्थनगर। सड़क पर हादसों पर प्रभावी ब्रेक लगाने के लिए लगातार कवायद जारी है। मगर लोग नियम की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं। सीएम के सख्त निर्देश के बाद जनपद में कराई गई गहन जांच में नवंबर माह तक 65 हजार से अधिक लोगों ने यातायात नियम को रौंदा है। इसमें बड़ी संख्या दोपहिया वाहन चालकों की है। इसमें 3200 वाहन स्वामी ऐसे मिले हैं, जिन्होंने तीन से 15 बार तक नियम तोड़े हैं।
बार-बार चालान के बाद भी यह बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों को ‘’आदतन अपराधी’’ की श्रेणी में रखकर लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर वाहन सीज तक की कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही ऐसे लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा।
प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और उनमें हो रही मौतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को साफ निर्देश दिए थे कि हादसों को रोकने के लिए किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। इसके बाद यातायात, परिवहन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से जनपद के रिकॉर्ड खंगाले। जांच में सामने आया कि 3200 से अधिक वाहन चालक ऐसे हैं, जिन्होंने तीन से 15 बार तक नियमों का उल्लंघन किया है। इन्हें अब चिह्नित किया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी की जाएगी। इ समें सितंबर माह तक 2600 लोगों ने नियम तोड़े थे। इधर, यातायात जागरूकता माह चला तो चालान के डर से लोगों ने हेलमेट पहने। जागरूकता कार्यक्रम और चालान करने की प्रक्रिया की वजह से नियम तोड़ने वालों की संख्या में कमी आई।
नवंबर में 60 हजार से अधिक चालान: आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर माह तक जिले में 60 हजार से अधिक चालान किए गए। इनमें से 33 हजार से ज्यादा वाहन चालक केवल बाइक सवार थे। बिना हेलमेट, ओवर स्पीडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाना सबसे आम उल्लंघन पाए गए। इन सभी मामलों में प्रशासन ने छह करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला, बावजूद इसके सड़क हादसों में कमी नहीं आई। यही कारण है कि अब नीति में बदलाव करते हुए बार-बार नियम तोड़ने वालों को ‘आदतन अपराधी’ मानते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया गया है।
यातायात विभाग की ओर से ऐसे चालकों की अलग सूची तैयार की जा रही है। पहले चरण में नोटिस जारी होंगे और इसके बाद लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। गंभीर मामलों में वाहन सीज किए जाएंगे।