- गैस वितरकों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, 19 किलो के कॉमर्शियल सिलिंडर की बिक्री बढ़ाने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
तुलसियापुर। घरेलू एलपीजी सिलिंडर के अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल और अवैध डिकेंटिंग (गैस को दूसरे रिफिल में ट्रांसफर करना) पर प्रभावी रोक लगाने की मांग को लेकर एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की जिला इकाई ने 21 सितंबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। वितरकों ने आपूर्ति विभाग और तेल कंपनियों के अधिकारियों की संयुक्त जांच टीम गठित कर बाजार में घरेलू और कॉमर्शियल गैस के इस्तेमाल की स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
वितरकों का कहना है कि उन्हें तेल कंपनियों के उत्पाद लेने और बेचने से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन आपूर्ति बाजार की वास्तविक मांग के आधार पर होनी चाहिए। उनका आरोप है कि बिक्री लक्ष्य पूरा करने के दबाव में 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल सिलिंडर समेत अन्य उत्पादों को कई बार खरीद मूल्य से कम कीमत पर बेचने की स्थिति बन रही है। इससे वितरकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी कार्यशील पूंजी भी फंस रही है।
संयुक्त टीम से जांच की मांग
- वितरकों ने डीएम और जिला पूर्ति अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक कराने तथा स्थानीय प्रशासन और तीनों तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल कर संयुक्त टीम बनाने की मांग की है। टीम बाजार में घरेलू गैस की वास्तविक मांग, कॉमर्शियल सिलिंडर के इस्तेमाल और अवैध डिकेंटिंग की स्थिति की जांच करे। वितरकों ने 19 किलोग्राम कॉमर्शियल सिलिंडर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की भी मांग की है।
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जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि डीएम ने कमेटी गठित कर दी है। सभी गैस एजेंसियों से कॉमर्शियल गैस कनेक्शन की सूची मांगी जा रही है लेकिन अभी तक सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। सूची मिलने के बाद जांच की जाएगी कि कौन-कौन से कनेक्शनधारी कॉमर्शियल और कौन घरेलू गैस सिलिंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं।