लोटन ब्लाक के ग्राम बस्तियां के टोला अमहवा गांव में वाटर टैंक से पानी भरते ग्रामीण। स्रोत ग्राम
लोटन। स्थानीय ब्लाॅक के ग्राम बस्तियां के टोला अमहवा गांव में एक सप्ताह पहले दूषित पानी पीने से ग्रामीण डायरिया की चपेट में आ गए।इसमें रामधनी में मां-बेटी की मौत हो गई।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर छपने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और अमहवा में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर लोगों को ब्लीचिंग पाउडर, दवा और ग्रामीणों स्वच्छ पानी पीने के व्यवस्था के बाद धीरे-धीरे स्थिति ठीक होने लगी। आज इस समय गांव में कोई नया मरीज नहीं मिला है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। इसके बाद भी शुद्ध पानी की व्यवस्था न होने तक खतरा बना हुआ है। लोगों ने शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की मांग की है। अमहवा में एक पड़ताल के बाद पता चला कि सरकार की ओर से जिन हैंडपंपाें में लाल निशान लगाया है जो दर्शाता है कि पानी पीने लायक नहीं है। फिर भी मजबूरी में ग्रामीण साफ पानी की व्यवस्था न होने से वही दूषित पानी पीते रहे। इसका नतीजा यह रहा कि पूरा गांव डायरिया के चपेट आ गया।