- बरेली से पूर्वांचल तक लूट का नेटवर्क, गोंडा मुठभेड़ के बाद खुला बरेली गैंग का राज, सिद्धार्थनगर में दबोचा गया गुर्गा अनीश
- रेकी कर चोरी, जरूरत पड़ने पर लूट की वारदात से भी नहीं चूकता था गिरोह
- सिद्धार्थनगर में पहले भी रहा है बरेली गैंग का आतंक, पुलिस का स्लोगन लगी गाड़ी से चलते थे गिरोह के लोग
सिद्धार्थनगर। बरेली गैंग से जुड़े बरेली के गैंगस्टर दौलत उर्फ डाॅन और मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के गौरडीह गांव निवासी अनीश को पुलिस ने एक ही रात दबोचने में कामयाबी पाई। दौलत जहां गोंडा में पुलिस मुठभेड़ में हत्थे चढ़ा, वहीं अनीश काे एसओजी और इटवा पुलिस ने उस वक्त दबोचा, जब वह चोरी के आभूषण बेचने के लिए नेपाल निकलने की फिराक में था।
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, अनीश के जरिये दौलत उर्फ डाॅन पूर्वांचल के तराई जिलों में पांव जमाना चाह रहा था, इसलिए उनसे जेल में अनीस को अपना खास बनाया। उसके मंसूबे थे कि पश्चिम में अपराध करने के बाद पुलिस की दबिश बढ़े तो वह पूर्वांचल का ओर रुख कर सके। यहां अपराध के बाद नेपाल में शरण लेना भी उसका मकसद था। जेल में तैयार हुए इस गैंग की कमर तोड़ने के लिए दो जनपदों की पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई करेगी। इनकी ओर से किए गए अपराध की कुंडली खंगाली जा रही है। गैंग और कौन-कौन शामिल हैं। उनके बारे में दोनों जनपदों की पुलिस ने काम शुरू कर दिया है।
जेल में बढ़ी डॉन से नजदीकी
पुलिस के जानकारों के मुताबिक, पश्चिमी यूपी में बरेली, शाहजहांपुर, रामपुर और यूपी के सीमा से सटे उत्तराखंड में खौफ का दूसरा नाम बन चुका बरेली गैंग का कुख्यात लुटेरा दौलत उर्फ डाॅन बहुत ही शातिर किस्म का है। जेल या बाहर रहने पर अपराध करना उसकी आदत में शुमार है। उत्तराखंड और पश्चिम के तीन जनपदों में नाम बढ़ने और बदनाम होने के बाद अब पूर्वांचल में अपना वर्चस्व कायम करने की साजिश रच रहा था। इस पूरे नेटवर्क की कड़ी बना जिले का अनीस अहमद, जिसने शाहजहांपुर जेल में ही डाॅन से नजदीकियां बढ़ाईं और बाहर निकलते ही गिरोह की पटकथा लिख दी। शाहजहांपुर जेल में बंद रहने के दौरान उसकी मुलाकात सिद्धार्थनगर के अनीस अहमद से हुई। यहीं से दोनों के बीच आपराधिक गठजोड़ मजबूत हुआ। जेल से बाहर आते ही अनीस ने पूर्वांचल में सुरक्षित ठिकाने, संभावित टारगेट और रेकी की जिम्मेदारी संभाल ली। गिरोह का प्लान था कि पूरब से पश्चिम तक लगातार वारदात कर पुलिस को चकमा दिया जाए और बरेली गैंग का दायरा बढ़ाया जाए। खतरनाक मंसूबा रखने वाला यह गैंग रेकी से लेकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। जरूरत पड़ने पर लूट करने से भी गिरोह के सदस्य नहीं चूकते।
साथ के पकड़ने के बाद आए गिरफ्त में
इस गैंग ने दिसंबर माह में गोंडा और सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा और डुमरियागंज थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इसी बीच दौलत गैंग के एक साथी को सराफा की दुकान में सेंध लगाते हुए ग्रामीणों ने पकड़ा लिया। उसके जरिये पुलिस गैंग के पीछे पड़ती तो दौलत के अलावा सिद्धार्थनगर के अनीस का नाम सामने आया। गोंडा में मुठभेड़ के दौरान डाॅन के पैर में गोली लगने और उसी दिन सिद्धार्थनगर में अनीस की गिरफ्तारी के बाद पूरे गिरोह का काला सच सामने आ गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दौलत उर्फ डाॅन पर रामपुर, शाहजहांपुर, बरेली और गोंडा जैसे जिलों में पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों की मानें अगर यह गैंग पूर्वांचल में हावी हो पाता तो बड़ी वारदातों से इन्कार नहीं किया जा सकता था। क्योंकि, यह बेखौफ होकर वारदात तो अंजाम देते हैं और बिना जान की परवाह किए सामने पड़ने वाले को नुकसान पहुंचा देते हैं।
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स्थान बदलकर देते वारदात को अंजामपुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरोह पहले इलाके की बारीकी से रेकी करता था। सुनसान मकान, व्यापारियों की आवाजाही और हाईवे से सटे क्षेत्र इनके निशाने पर रहते थे। चोरी के दौरान अगर विरोध होता तो लूट से भी पीछे नहीं हटते थे। गिरोह के सदस्य स्थान बदल-बदलकर वारदात करते थे ताकि किसी एक जिले की पुलिस को शक न हो। सिद्धार्थनगर में पहले भी बरेली गैंग की मौजूदगी से इलाके में दहशत रही है। पुलिस का स्लोगन लगी गाड़ियों का इस्तेमाल कर गिरोह खुद को सुरक्षित दिखाने की कोशिश करता था। जैसा कि गोंडा में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को इनपुट मिला है कि किराये पर कमरा लेकर ठहरते हैं। कपड़े और अन्य सामान की फेरी के जरिये रेकी करते हैं, इसके बाद मौका देखकर वारदात को अंजाम देते हैं और सामान समेट कर नए ठिकाने की ओर रुख कर लेते हैं।
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दौलत उर्फ डान का आपराधिक रिकॉर्ड
रामपुर : लूट व आर्म्स एक्ट
शाहजहांपुर : डकैती व गैंगस्टर
बरेली : चोरी और लूट के कई मामले
गोंडा : ताजा चोरी व मुठभेड़ का केस
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अनीस का आपराधिक इतिहास
वहीं गैंग से जुड़े सिद्धार्थनगर जनपद के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के गौरडीह गांव निवासी अनीश पर कुल 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें शाहजहांपुर में एक और सिद्धार्थनगर में नौ एफआईआर दर्ज हैं। पुलिस उसकी आपराधिक हिस्ट्री खंगाला रही है। इसमें देखा जा रहा है कि दौलत उर्फ डॉन के साथ उसने और किन- किन वारदातों में शामिल रहा।
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बोले जिम्मेदार
पकड़े गए अपराधी के बारे में और जानकारी ली जा रही है। गैंग के दो और सदस्य होने की बात सामने आ रही थी, इसके बारे में भी जांच की जा रही है। गोंडा पुलिस अगर सहयोग मांगती है तो किया जाएगा, जिससे गैंग की कमर तोड़ी जा सके।
- प्रशांत कुमार प्रसाद्र, एएसपी