भनवापुर। गेहूं की फसल वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक है कि फसल को खरपतवार से मुक्त रखा जाए। यह जानकारी देते हुए कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत ने बताया कि गेहूं के फसल में चौड़ी पत्ती और सकरी पत्ती वाले खरपतवार को 3-5 पत्ती की अवस्था में नियंत्रित करें।
डॉ. सर्वजीत ने बताया कि खरपतवार नियंत्रण के लिए फसल की बुवाई के 30-35 दिन बाद क्लेडिनोफॉप प्रोपार्जिल 15 प्रतिशत और मेटसल्फ्यूरान मिथाइल एक प्रतिशत को 160 ग्राम/एकड़ 150 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें। छिड़काव के समय खेत में नमी अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि तेज धूप हो रही है तो दवा का प्रभाव तेज होता है और खरपतवार जल्दी मुरझा जाते हैं।
गेहूं की फसल में 38- 40 दिन में कल्ले निकलना प्रारंभ करते हैं। इस समय नाइट्रोजन का प्रयोग करना आवश्यक होता है। खड़ी फसल में दीमक का प्रकोप होने पर 1.25 ली क्लोरोपाएरीफॉस दो लीटर पानी में घोल बनाकर इस्तेमाल करें।